
Jamshedpur : झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने जमशेदपुर-2 के श्रम अधीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह के विरुद्ध गंभीर आरोपों को लेकर विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश जारी किया है। इस संबंध में विभाग ने 23 जून को संकल्प संख्या-1123 जारी किया है।
विभागीय संकल्प के अनुसार 16 जनवरी 2026 को विभागीय सचिव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम के तहत किए गए उपकर निर्धारण कार्यों की समीक्षा की गई थी। समीक्षा में पाया गया कि श्रम अधीक्षक, जमशेदपुर-2 द्वारा 12 अगस्त 2025 से 14 जनवरी 2026 के बीच 41 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, लेकिन केवल दो प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया और मात्र एक प्रतिष्ठान का ही उपकर निर्धारण किया गया।
बैठक में कारण पूछे जाने पर सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कार्यालय में शिकायत संबंधी मामलों के अधिक होने तथा उपकर निर्धारण प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने के कारण कार्य प्रभावित हुआ। विभाग ने इस स्पष्टीकरण को असंतोषजनक माना और कहा कि बिना वैध कारण 38 प्रतिष्ठानों को छोड़ दिया गया, जिससे भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को राजस्व की हानि हुई।
संकल्प में कहा गया है कि सभी निर्माण स्थलों का शत-प्रतिशत सर्वे कर एक प्रतिशत सेस की वसूली का स्पष्ट प्रावधान है, जिसका पालन नहीं किया गया। विभाग ने इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही, सत्यनिष्ठा की कमी तथा आचरण नियमावली, 1976 के उल्लंघन का मामला माना है।
विभाग ने यह भी उल्लेख किया है कि सत्येंद्र कुमार सिंह इससे पहले 36 वर्ष से अधिक समय तक श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के पद पर कार्यरत रहे हैं। ऐसे में उनके द्वारा कार्य की जानकारी नहीं होने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत पाया गया और इसे सक्षम पदाधिकारी को गुमराह करने का प्रयास माना गया है।
इसके अलावा मजदूरी भुगतान अधिनियम, 1936 के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के अगस्त से दिसंबर माह तक का गलत एवं भ्रामक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का भी आरोप लगाया गया है।
विभागीय सचिव के निर्देश पर फरवरी और मार्च 2026 में कई बार स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन समय पर वांछित सूचना और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। इसे सरकारी आदेशों की अवहेलना और स्वेच्छाचारिता का परिचायक बताया गया है।
सभी तथ्यों और उपलब्ध प्रतिवेदनों की समीक्षा के बाद झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-17 के तहत सत्येंद्र कुमार सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
जांच के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी अरुण वाल्टर संगा को विभागीय जांच पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, विभाग की ओर से आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए संयुक्त सचिव हरिवंश पंडित को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है।
विभाग ने जांच पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि विभागीय जांच समयबद्ध तरीके से पूरी कर अपनी जांच रिपोर्ट शीघ्र सरकार को उपलब्ध कराएं।

