
रांची: झारखंड सरकार पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित उरांव की परेशानियां बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें पूछताछ के लिए समन जारी किया है। रोहित उरांव को 29 जून को सुबह 11 बजे रांची स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश गया है। वहीं रामेश्वर उरांव को 30 जून को बुलाया गया है।
मामला योगेंद्र तिवारी से जुड़े शराब कारोबार और उससे संबंधित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। ईडी ने इसी मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए दोनों को बुलाया है। ईडी इस मामले में विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
इससे पहले जांच के दौरान ईडी ने योगेंद्र तिवारी से जुड़े शराब कारोबार मामले में तत्कालीन मंत्री रामेश्वर उरांव, उनके पुत्र रोहित उरांव तथा अन्य संबंधित लोगों के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
छापेमारी और जांच में मिली थीं कई जानकारियां
जांच एजेंसी को छापेमारी और दस्तावेजों की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी थीं। पता चला था कि रोहित उरांव की ओर से शराब के व्यापार के लिए एक एकरारनामा किया गया था। हालांकि जांच एजेंसी के अनुसार, इस एकरारनामे के बावजूद रोहित ने शराब के कारोबार में वास्तविक रूप से प्रवेश नहीं किया था। इन मुद्दों पर भी ईडी सवाल कर सकती है।
जांच इस बिंदु पर भी चल रही है कि वर्ष 2022 की नई उत्पाद नीति लागू होने से पहले राज्य में शराब के थोक कारोबार में योगेंद्र तिवारी से जुड़ी कंपनियों की क्या भूमिका थी। ईडी के अनुसार, उस समय झारखंड के अधिकांश जिलों में योगेंद्र तिवारी से संबंधित कंपनियों के पास शराब के थोक व्यापार के लाइसेंस थे।
ईडी अब पूछताछ के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेगी। मामले में जांच अभी जारी है और एजेंसी ने आगे भी आवश्यक कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

