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Jamshedpur : हलाल सर्टिफिकेट वाले वस्तुओं का आज से ही बहिष्कार करें, विहिप के केंद्रीय सह मंत्री जीतेन्द्र ने किया आह्वान

Jamshedpur : संगठन मंत्र (अमलेन्दु द्वारा - जिला पर्यावरण आयाम प्रमुख) के पश्चात कार्यक्रम के संचालक वी. प्रभु ने मंचस्थ समस्त अतिथियों का परिचय व स्वागत भेंट कराया।

by Birendra Ojha
VHP Leader Jitendra Appeals to Boycott Halal Certified Products
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जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने सोमवार को वैचारिक गोष्ठी का आयोजन किया, जिसका मुख्य विषय “हलाल सर्टिफिकेशन” तथ्य, चुनौती और समाधान” था कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री जीतेन्द्र उपस्थित रहे। उनके साथ मंचस्थ अतिथियों में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिवा क्रांति, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक सत्यप्रकाश, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं ग्राहक पंचायत की प्रांत अध्यक्ष डॉ. कल्याणी कबीर, प्रांत की उपाध्यक्ष एंजल उपाध्याय व जिला अध्यक्ष पप्पू सिंह शामिल थे।

कार्यकर्ता में डॉली परिहार द्वारा गाए गए एकल गीत के बाद मुख्य वक्ता जीतेन्द्र जी का उद्बोधन प्रारंभ हुआ। उन्होंने उद्बोधन के क्रम मे हलाल सर्टिफिकेशन के विषय मे उपस्थित वृंद को संबोधित करते हुए कहा कि हलाल अर्थव्यवस्था सरकार के समानांतर चलने वाली एक ऐसी व्यवस्था है, जिसे देश विरोधी और हिंदू धर्म के विरोधी मुसलमान चलाते हैं। ये चल तो बहुत पहले से रहा है, लेकिन कोविड काल में ये ज्यादा प्रकाश मे आया।

हलाल सिर्टिफिकेट देने वाली मुख्यतः तीन कंपनियां है, जिसमें हलाल इंडिया लिमिटेड, हलाल सर्टिफिकेट अथॉरिटी और जमायते उलेमा-ए हिंद शामिल हैं।

ये तीनो कंपनियां मांस से लेकर प्रत्येक प्रकार की खाद्य सामग्री हलाल सर्टिफिकेट बेचती है और सामग्री उत्पन्न करने वाली कंपनी से भारी पैसों का लेन-देन रहता है अर्थात प्रत्येक सामग्री, फैक्ट्री व पदार्थ मे मुस्लिम प्रायोरिटी रहते है। पूरे 112 देशो में इसका काम चल रहा है। 2020 मे हलाल अर्थव्यवस्था का आंकड़ा 4.58 लाख करोड़ डॉलर था, जो 2026 मे लगभग 10 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की हो गई है। इसमें मुस्लिमों की खरीदारी दर मात्र 12 से 15 प्रतिशत है और गैर मुस्लिमों की खरीदारी दर लगभग 85 से 88 प्रतिशत की है।
देश विरोधी मुस्लिम उक्त पैसो का उपयोग हमारे देश व हिंदू धर्म के खिलाफ करते है तथा केंद्र की राष्ट्रवादी सरकार के खिलाफ करती है, जैसे CAA बिल के खिलाफ और भी बहुत सारे ऐसे गतिविधि में वो पैसे लगाते हैं, जिससे केंद्र सरकार अस्थिर हो सके।

हिंदुओं का धर्मान्तरण, लव जिहाद, लैंड जिहाद मे ये हलाला के पैसो का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए कुंभ सनातन धर्म का सांस्कृतिक रूप से एक मजबूत स्तंभ है। इसे कमजोर करने के लिए प्रचलित हुई एक मोनालिसा नाम की गरीब युवती को एक केरल का सामान्य मुस्लिम लड़का पैसों के दम पर हालाला पैसों के सहयोग से लव जिहाद करते हुए केरल के एक थाने में केरल के मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के सहयोग से विवाह किया।

अब आप समझ सकते है की हलाल का सारा पैसा का उपयोग हरे खिलाफ कैसे हो रहा है। हम सभी हिंदुओं को जागरूक होने की जरुरत है।

हलाल वास्तव मे अरबी शब्द है जिसका अर्थ वैध या तर्क सम्बन्ध या जायज होता है अरब ने हर चीज को जायज और नाजायज के रूप मे देखते थे इस्लाम मे जो उनके प्रति जायज है वो हलाल है और जो नाजायज है वो हराम है।

इस्लाम मे हिन्दुओ को भी हराम मानते हैं। इस्लामिक लोगों द्वारा एक बहुत बड़ा षडयंत्र चल रहा है वैश्विक अर्थव्यवस्था को अपने रूप से या यूं कहें कि अपने माध्यम से चलाने के लिए ये हलाला का कारोबार किया जा रहा है।

अरब और अन्य मुस्लिम देशों ने ये नियम बना रखा है कि उनके देश मे जो भी सामान आएगा, वो हलाल ही होगा। फैक्ट्रियों में इस्लाम को मानने वाला काम करेगा। वही हलाल होगा… भारत मे भी ऐसी कई कंपनी है जो हलाल सर्टिफाइड है जिसमे एक भी गैर मुस्लिम वर्कर नहीं है

जीतेन्द्र जी ने अंत मे समस्त उपस्थितवृंद से आग्रहपूर्वक कहा कि अपने देश की अर्थव्यवस्था और अपने धर्म को मजबूत करने के लिए क्या हमारे हित मे है, क्या हमरे अहित मे है, हमें एक जागरूक ग्राहक बनकर खरीदारी करना होगा और हलाल सर्टिफाइड आइटम्स को सामूहिक रूप से बहिष्कार करें। इस कार्य का प्रारंभ अपने घर और मोहल्ले करें।

इससे पूर्व ग्राहक गीत के बाद सर्वप्रथम मंचस्थ अतिथियों ने सामूहिक रूप से मां भारती व स्वामी विवेकानंद के चित्र पर द्वीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

संगठन मंत्र (अमलेन्दु द्वारा – जिला पर्यावरण आयाम प्रमुख) के पश्चात कार्यक्रम के संचालक वी. प्रभु ने मंचस्थ समस्त अतिथियों का परिचय व स्वागत भेंट कराया।

तत्पश्चात क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिवा क्रांति ने भूमिका व संगठन परिचय विषय को उपस्थित सभी के सामने रखा। उन्होंने कहा कि ग्राहक पंचायत का कार्य विधिवत रूप से सन 1974 मे प्रारंभ हुआ, परंतु इससे पहले ही संघ के द्वितीय सर संघचालक गुरु गोलवलकर व दत्तोपंत ठेंगड़ी के चर्चा के साथ प्रारंभ हो चुका था, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत का मानना है कि अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी एक ग्राहक ही होता है।
प्रत्येक व्यक्ति जन्म के पहले से लेकर मृत्यु के बाद भी ग्राहक ही होता है, क्योंकि उनके नाम से खरीदारी होती रहती है। ग्राहक का अर्थ होता है, जो ग्रहण करे। उसमें वापस देने का भी भाव होता है। उपभोक्ता केवल भोग करता है, इसलिए हमारे संगठन का नाम अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत पड़ा, 1986 जो 2019 में संशोधित हुआ पहला उपभोक्ता अधिनियम अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की ही देन है। हमारे तत्कालीन कार्यकर्ताओ द्वारा तैयार किया गया अधिनियम ही कुछ प्रतिशत संसोधनों के बाद लागू किया गया था
हमारा वर्ष मे एक बार प्रत्येक अगस्त मे 1 से 31 तारीख तक सदस्यता अभियान चलता है, जिसका शुल्क 100 रुपये होता है।

तत्पश्चात कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं कल्याणी कबीर ने भी सभा को सम्बोधित किया और कहा कि हम सभी मिलकर समाज को शोषण मुक्त बनाएं, ये हमारी जिम्मेदारी है। धन्यवाद ज्ञापन जिला अध्यक्ष पप्पू सिंह ने किया। कार्यक्रम का समापन वन्देमातरम गीत के सामूहिक गान के साथ हुआ।

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