
खूंटी : केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित जलछाजन विकास अवयव-प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत शुरू हुई वाटरशेड यात्रा के सफल क्रियान्वयन के लिए खूंटी समाहरणालय के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्याम नारायण राम ने की। इस यात्रा का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में जल संरक्षण (Water Conservation) और जल पुनर्भरण (Water Recharge) के महत्व को समझाना और कृषि विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
वाटरशेड यात्रा का उद्देश्य और रणनीति
वाटरशेड यात्रा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदायों को Water Management के प्रति जागरूक करना और जल संसाधनों के उचित उपयोग और संरक्षण के लिए उन्हें प्रेरित करना है। यह यात्रा पांच फरवरी से रनिया प्रखंड के परियोजना क्षेत्र में शुरू हुई है। बैठक में योजना के लक्ष्यों, क्रियान्वयन की रणनीतियों और विभिन्न चरणों की समीक्षा की गई।
डीडीसी श्याम नारायण राम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि योजना के तहत सभी गतिविधियों का समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन (Timely Implementation) सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण समुदायों को इस अभियान में शामिल करना और उन्हें इसके लाभों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही अभियान से जुड़े संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस दौरान विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं:
जल संरक्षण के उपायों का प्रभावी कार्यान्वयन
जल पुनर्भरण और सतत कृषि विकास को बढ़ावा देने की रणनीतियाँ।
ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी।
डीडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की निगरानी करते हुए उन्हें समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अभियान के माध्यम से जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना और किसानों को सतत कृषि विकास (Sustainable Agriculture Development) के लिए प्रेरित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
ग्रामीण समुदायों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर
डीडीसी ने यह भी कहा कि ग्रामीणों को जल प्रबंधन की उपयोगिता और इसके दीर्घकालिक लाभों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे Community Participation को प्राथमिकता दें और योजना की जानकारी ग्राम स्तर पर पहुँचाएं।
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