घाटशिला : घाटशिला प्रखंड के कालचित्ति पंचायत के बुरुडीह डैम पर उस समय अफरा तफरी मच गई। जब गर्मी से बेहाल 22 गजराज का झुंड दिन के साढ़े चार बजे बुरुडीह डैम में उतरकर जल क्रीड़ा करने लगे। हाथियों के झुंड को देखने के लिए डैम पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। लगभग एक घंटा डैम में स्नान करने के बाद वह वहां से निकलकर बुरुडीह, बासाडेरा के जंगल होते हुए संध्या के छ: बजे बासाडेरा पहुंच गए। गांव में एक साथ 22 हाथियों का प्रवेश देख ग्रामीण दहशत में आ गए हैं और सैंकड़ों ग्रामीण एकत्रित होकर जंगल की ओर हाथियों को खदेड़ने में जुटे हैं। हाथी हालांकि जंगल की ओर चले जरूर गए हैं, लेकिन वह रात के समय गांव की ओर आ सकते हैं। इसको लेकर ग्रामीण रातजगा कर समय बिता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण चहुंओर जलस्रोत सूख गए हैं। नदी नाला में ना के बराबर पानी है।
हाथियों को चाहिए भरपूर पानी
हाथियों को भरपूर मात्रा में पानी चाहिए और डैम को छोड़कर इन हाथियों को पानी नही मिलेगा। इसलिए वह डैम की ओर प्यास लगने पर जरूर आएगा। दूसरी ओर बुरुडीह, रामचन्द्रपुर, टुकरी, हिरागंज एवं कालचित्ति, बासाडेरा, डायनमारी के ग्रामीणों ने काफी मात्रा में सब्जी एवं गरमा धान की खेती की है। उन्हे डर है कि 22 हाथी जिसमें छ: शावक भी हैं, एक साथ कहीं से गुजरेंगे तो पूरे फसल का बर्बाद होना तय है। हाथी के आने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को भी दिया है। वन विभाग के कर्मचारियों की मानें तो अभी तक हाथी जंगल में विचरण जरूर कर रहे हैं, लेकिन किसी का कोई नुकसान नही किया है।

