नई दिल्ली : Glacier Broke Near Kedarnath Temple : उत्तराखंड में बाबा केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए मानसून के बावजूद हजारों की संख्या में भक्त-श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। वहीं यात्रा के पहले दिन से ही आस्था का सैलाब केदारपुरी में देखने को मिल रहा है। इसी बीच केदारनाथ मंदिर के पीछे वाली पहाड़ियों में बर्फ की नदी बहने की घटना सामने आई है। हालांकि, इस बर्फीले तूफान या ग्लेशियर से कोई जान-माल की हानि नहीं हुई। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वहीं इस वीडियो में बर्फ की बहती नदी का नजारा काफी भयानक दिख रहा है। इसमें दिख रहा है कि हिमपात देखते ही मंदिर से श्रद्धालुओं की भीड़ भागने लगी।
ये भी बताया जा रहा है कि रविवार सुबह करीब 5.06 बजे गांधी सरोवर के ऊपर पहाड़ से ग्लेशियर टूटकर गिरने लगे। बर्फ को नीचे गिरता देख लोगों में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि इस बर्फीले तूफान से किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ।
Glacier Broke Near Kedarnath Temple : सुबह 5 बजे शुरू हुआ हिमस्खलन
बता दें कि घटना को लेकर केदारनाथ के सेक्टर अधिकारी के कहना है कि बर्फीली पहाड़ी पर समय-समय पर एवलांच आते रहते हैं। गांधी सरोवर के ऊपर रविवार सुबह करीब 5 बजे हिमस्खलन शुरू हुआ। पहाड़ी से खिसकर बर्फ काफी नीचे आ गई और बर्फ का धुआं उड़ने लगा। इसके बाद केदानगरी में हलचल मच गई, लेकिन राहत वाली बात थी कि जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
Glacier Broke Near Kedarnath Temple : 2013 में भी आई थी भयंकर बाढ़
यहां बता दें कि साल 2013 में केदारनाथ में बादल फटने की वजह से भयंकर बाढ़ आ गई थी। इस बाढ़ में सब कुछ तबाह हो गया था। काफी दिनों बाद केदारनाथ धाम में जन-जीवन सामान्य हुआ था। ऐसे में आज जब पहाड़ी से बर्फीला तूफान नीचे आ रहा था, तो लोगों की सांसें थम सी गईं।
यह पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड में ग्लेशियरों के पिघलने का मामला सामने आया हो। राज्य के कई ग्लेशियर ऐसे हैं जो लगातार पिघल रहे हैं, और इनके पिघलने की रफ्तार भी काफी तेज है। जानकारी के अनुसार, यहां हर साल 15 से 20 मीटर तक ग्लेशियर पिघल रहे हैं। जो इस घटना को प्रमाणिकता प्रदान करते हैं।
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