सेंट्रल डेस्कः आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और अभिनेता पवन कल्याण (Deputy CM Pawan Kalyan) ने आज तिरुपति बालाजी के दर्शन किए। तिरुपति बालाजी मंदिर में चल रहे लड्डू विवाद के बाद से ही वो 11 दिनों की तपस्या पर थे। बुधवार को पवन कल्याण पैदल तिरुमाला मंदिर पहुंचे और दर्शन किया। अभिनेता से नेता बने पवन कल्याण ने तिरूमाला मंदिर तक की तीन घंटे की यात्रा पैदल ही संपन्न की और 3500 सीढ़ियां चढ़कर उन्होंने बालाजी भगवान के दर्शन किए।
तिरुमाला के लिए रवाना होने से पहले कल्याण ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह केवल एक मंदिर में मिलावट का मामला नहीं है। यह सामने आ गया और यही एक शुरुआती बिंदु बन गया। उन्होंने कहा कि प्रायश्चित सनातन धर्म की प्रतिबद्धता है और यह बेहद आवश्यक भी है।
जनसेना पार्टी के प्रमुख का कहना है कि YSRCP के जगनमोहन रेड्डी की सरकार ने मंदिर को अपवित्र किया था। इस मसले को राष्ट्रीय बहस का मुददा बताते हुए कल्याण ने कहा कि उनकी तपस्या का आज 10वां दिन है। गुरूवार को उनकी तपस्या पूर्ण हो जाएगी और इसके बाद वे एक घोषणा पत्र जारी करेंगे।
पवन कल्याण बीते कई दिनों से मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए एक स्थायी व्यवस्था की मांग कर रहे है। फिलहाल तिरुपति प्रसादम् मामला सुप्रीम कोर्ट में निलंबित है। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि उम्मीद करते है कि “भगवान को राजनीति से दूर रखा जाएगा।” अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होनी है।
इस प्रायश्चित दीक्षा को शुरु करने से पहले पवन कल्याण ने एक्स पर लिखा था कि हमारी संस्कृति, आस्ता, विश्वास और श्रद्धा के केंद्र तिरुपति बालाजी के प्रसाद में पाई गई अशुद्धता से मैं आहत हूं। फिलहाल मैं भगवान से माफी मांगने का संकल्प ले रहा हूं। 11 दिन के प्रायश्चित दीक्षा के पश्चात मैं 1 या 2 अक्तूबर को तिरुपति जाऊंगा और भगवान के व्यक्तिगत दर्शन करूंगा।
पवन कल्याण के साथ उनकी छोटी बेटी पलीना अंजनी कोनिडेला भी थी। दर्शन से पहले उन्होंने जरूरी दस्तावेज “Declaration of Faith” पर भी साइन किए। चूंकि पलीना अभी नाबालिग है, इसलिए उनके बदले पिता पवन कल्याण ने साइन किया।
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