RANCHI: राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के डिजाइन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने और इलाज की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की पहली बैठक मंगलवार को अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें अस्पतालों के समग्र ढांचे की समीक्षा पर जोर दिया गया। अपर मुख्य सचिव ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे अपने विशेषज्ञ परामर्शदाताओं के साथ विस्तृत डिजाइन और योजनाओं का प्रस्तुतीकरण समिति के सामने करें। साथ ही भवन निर्माण विभाग और अन्य संबंधित पक्षों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
टीम में है अनुभवी विशेषज्ञ
इस उच्चस्तरीय समिति में रिम्स और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं। इनमें कार्डियोलॉजी, क्रिटिकल केयर, मेडिसिन, सर्जरी, ऑन्कोलॉजी, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के वरिष्ठ चिकित्सक शामिल किए गए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य निर्माणाधीन और पहले से बने मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों की डिजाइन व्यवस्था का गहन विश्लेषण करना है। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि अस्पतालों में मरीजों के आवागमन और चिकित्सकीय कार्यप्रवाह को वैज्ञानिक तरीके से व्यवस्थित किया जाए। इससे इलाज की प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और अधिक प्रभावी हो सकेगी।
एक जगह होंगी महत्वपूर्ण इकाइयां
विशेष रूप से अस्पतालों की महत्वपूर्ण इकाइयों जैसे आईसीयू, सीसीयू, एचडीयू, ऑपरेशन थिएटर, आईपीडी, कैथ लैब, डायग्नोस्टिक और रेडियोलॉजी सेंटर के सही स्थान निर्धारण पर ध्यान दिया जा रहा है। इन इकाइयों की स्थिति ऐसी हो कि मरीजों को कम से कम समय में जरूरी सेवाएं मिल सकें। समिति को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह मौजूदा डिजाइन का परीक्षण करे और जहां जरूरत हो वहां संशोधन या पुनर्रचना के लिए स्पष्ट सुझाव दे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज परिसरों में एकेडमिक भवन, आवासीय परिसर और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी आधारभूत सुविधाओं के बेहतर विस्तार और संतुलित विकास पर भी विचार किया जाएगा।
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