चाईबासा: सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही से सहिया विनीता बानरा एवं उसके नवजात शिशु की मौत के बाद सोमवार को भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर आक्रोश जताया।
स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप
मृतका के पति दुर्गा चरन बानरा व परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव के दौरान समय पर इलाज नहीं मिला। आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी और स्वास्थ्य कर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज किया। परिजनों के अनुसार, बार-बार आग्रह के बावजूद न डॉक्टर समय पर पहुंचे, न जरूरी संसाधन मिले, जिससे मां और नवजात दोनों की जान चली गई।
भाजपा नेताओं ने सरकार को घेरा
धरना में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद गीता कोड़ा, प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह, जिलाध्यक्ष हरे कृष्णा प्रधान और पूर्व विधायक अनंतराम टुडू मौजूद रहे। गीता कोड़ा ने कहा कि यह सिर्फ दुर्घटना नहीं, लापरवाही की पराकाष्ठा है। एक मां और नवजात की जान गई, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह बने रहे। उन्होंने राज्य सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह विफल और असंवेदनशील बताया।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग
भाजपा ने मृतक परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, एक आश्रित को सरकारी नौकरी और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि राज्य में गरीब और आदिवासी परिवारों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है।
एसडीओ को सौंपा मांग पत्र
धरना के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला को मांग पत्र सौंपा। एसडीओ ने मामले की गंभीरता स्वीकार करते हुए शीघ्र और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। भाजपा ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

