नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी नयी दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति के कारण स्कूलों ने छात्रों की सुरक्षा के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में, वायु गुणवत्ता का सूचकांक (AQI) 411 के आंकड़े तक पहुंच चुका है, जिसे “गंभीर” श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में दिल्ली के सभी स्कूलों ने खुले स्थानों पर गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है और कुछ वर्गों के लिए ऑनलाइन शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है।
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए स्कूलों के उपाय
वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कक्षा 5 तक की सभी कक्षाएं ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, 6वीं कक्षा और उससे ऊपर के छात्रों के लिए स्कूलों ने अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए हैं।
स्कूलों में क्या बदल रहा है?
द्वारका स्थित आईटीएल पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य सुधा आचार्य ने कहा, “हमने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नई गाइडलाइंस लागू की हैं। अब स्कूलों में खुले स्थानों पर कोई भी गतिविधि नहीं होगी। हम इनडोर गतिविधियों जैसे पढ़ाई, पेंटिंग, क्राफ्टिंग, और कैरम जैसे खेलों को बढ़ावा दे रहे हैं।”
सुधा आचार्य ने छात्रों को ‘कारपूलिंग’ और ‘एंटीऑक्सीडेंट’ से भरपूर आहार लेने की सलाह दी है। इसके अलावा, छात्रों को पर्याप्त पानी पीने की भी हिदायत दी जा रही है।
सीएक्यूएम की चेतावनी और उपाय
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने GRAP Phase 3 के तहत आवश्यक उपाय लागू किए हैं। इस स्थिति में वायु गुणवत्ता लगातार “गंभीर” स्तर पर बनी हुई है, जो कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
मुख्यमंत्री आतिशी ने भी घोषणा की है कि दिल्ली के स्कूलों में 5वीं तक की कक्षाएं ऑनलाइन ही आयोजित की जाएंगी, ताकि बच्चों को प्रदूषण से बचाया जा सके।
ऑनलाइन शिक्षा और स्कूल की तैयारी
इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल, द्वारका के प्रधानाचार्य राजीव हसीजा ने बताया कि ऑनलाइन शिक्षा को सुचारू बनाने के लिए शिक्षक माइक्रोसॉफ्ट टीम्स और स्मार्टबोर्ड जैसे उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। “हमने यह सुनिश्चित किया है कि सभी छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं में कोई परेशानी न हो,” इसके अलावा, स्कूल ने 10 बजे से पहले की सभी बाहरी गतिविधियां निलंबित कर दी हैं, ताकि छात्रों को प्रदूषण से बचाया जा सके।
छात्रों के स्वास्थ्य पर ध्यान
राजीव हसीजा ने कहा, “हमारे स्कूल में स्वस्थ आहार को लेकर भी परामर्श दिए जा रहे हैं। पेशेवर चिकित्सकों से सलाह लेकर, हम छात्रों के लिए पोषक आहार के सुझाव साझा कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हम परिवारों को भाप लेने और अन्य घरेलू उपचारों को अपनाने की सलाह भी दे रहे हैं।”
प्रदूषण से बचाव के उपाय
दिल्ली के स्कूलों ने वायु प्रदूषण के बढ़ते संकट को गंभीरता से लिया है और छात्रों की सेहत को प्राथमिकता दी है। स्कूलों द्वारा उठाए गए इन कदमों से छात्रों को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।
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