नई दिल्ली : भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की जयंती पर मंगलवार को देशभर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के तमाम बड़े नेताओं ने दिल्ली में शक्ति स्थल पर जाकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपनी भावनाओं का इजहार किया और इंदिरा गांधी के योगदान को याद किया।
पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो इस समय ब्राजील में तीन देशों की यात्रा पर हैं उन्होंने भी सोशल मीडिया पर इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि हमारी पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। मोदी ने उनकी बहादुरी, नेतृत्व क्षमता और देश की एकता के लिए उनके योगदान को सलाम किया।
प्रियंका गांधी ने इंदिरा गांधी की आदिवासी समाज के प्रति नीतियों को याद किया
प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंदिरा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आदिवासी समाज के प्रति संवेदनशीलता को याद किया। प्रियंका ने कहा कि मेरी दादी श्रीमती इंदिरा गांधी जी अपने चुनाव अभियान की शुरुआत हमेशा महाराष्ट्र के नंदुरबार से करती थीं। वे मानती थीं कि आदिवासी समाज की संस्कृति सबसे अच्छी और अनूठी है, क्योंकि यह प्रकृति का सम्मान और संरक्षण करती है।
प्रियंका ने यह भी कहा कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनीं, तो उन्होंने आदिवासी समाज के लिए कई महत्वपूर्ण कानून बनाए, जिससे उन्हें शक्ति मिली। कांग्रेस पार्टी आज भी उनके विचारों को आगे बढ़ा रही है, जैसे जाति आधारित जनगणना और एससी/एसटी/ओबीसी के लिए आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से बढ़ाने की मांग करना। प्रियंका ने अपनी दादी द्वारा की गई सेवा और संस्कार के सिद्धांतों को भी याद किया और कहा कि आपके दिए सेवा और संस्कार के सबक सदैव हमारे साथ रहेंगे।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंदिरा गांधी को ‘भारत की लौह महिला’ करार दिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि दी और उन्हें ‘भारत की लौह महिला’ करार दिया। खड़गे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि करोड़ों भारतीय आज भी इंदिरा गांधी के जीवन से प्रेरणा लेते हैं, क्योंकि वह संघर्ष, साहस और गतिशील नेतृत्व की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने यह भी लिखा कि इंदिरा गांधी ने निस्वार्थ भाव से राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया और भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। खड़गे ने कहा कि उनकी जयंती पर हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
इंदिरा गांधी का जीवन और कार्य
इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और उनकी पत्नी कमला नेहरू के घर हुआ था। वह भारत की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री थीं। इंदिरा गांधी का प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल दो भागों में विभाजित है। पहला जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक और दूसरा जनवरी 1980 से अक्टूबर 1984 तक, जब उनकी हत्या कर दी गई थी।
इंदिरा गांधी ने भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक सुधार किए। उनका सबसे बड़ा योगदान बैंकों का राष्ट्रीयकरण था, जिससे भारतीय बैंकिंग प्रणाली को मजबूत किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कई सामाजिक सुधारों की शुरुआत की, जिनमें विशेषकर गरीबों, दलितों और आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं बनाईं। उन्हें विश्व की सबसे प्रभावशाली महिला नेताओं में से एक माना जाता था।
31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या उनके ही सिख अंगरक्षकों ने की थी, जिसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन और हिंसा का दौर शुरू हो गया था। हालांकि, उनकी मौत के बाद भी उनका प्रभाव भारतीय राजनीति में गहरा रहा और उनकी नीतियों को आज भी याद किया जाता है।
इंदिरा गांधी की जयंती पर देशभर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके नेतृत्व, संघर्ष और नीतियों को याद किया गया। कांग्रेस नेताओं ने उनके योगदान को सराहा और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उनका जीवन एक प्रेरणा है, जो हमें न केवल देश के निर्माण में उनकी भूमिका को याद दिलाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे एक महिला ने भारत की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई और कई अहम फैसले लिए जो आज भी देश के विकास में सहायक हैं।

