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Salt : नमक को क्यों कहा जाता है ‘हिडन किलर’: जानें इसके पीछे की वजह

by Rakesh Pandey
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फीचर डेस्क : नमक का स्वाद हमारे भोजन में आवश्यक होता है। यह स्वाद को बढ़ाता है और हमें अच्छा महसूस कराता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अत्यधिक नमक का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसा ही एक शब्द है जो नमक के अत्यधिक सेवन को बताता है, वह है ‘हिडन किलर’ यानी ‘छुपा हुआ हत्यारा’। इसका कारण यह है कि नमक का प्रभाव तुरंत दिखाई नहीं देता, लेकिन इसके दुष्प्रभाव धीरे-धीरे शरीर में एकत्र होते जाते हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

नमक के ‘हिडन किलर’ होने का कारण

नमक को ‘हिडन किलर’ इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसका प्रभाव धीरे-धीरे शरीर में नजर आता है। इसका सेवन तुरंत किसी समस्या का कारण नहीं बनता, लेकिन समय के साथ यह हमारे शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। अत्यधिक नमक का सेवन उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) को जन्म देता है, जो दिल की बीमारियों, हृदयाघात और स्ट्रोक का कारण बन सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, एक व्यक्ति को दिन में 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए। लेकिन, भारत में औसतन लोग एक दिन में 8 से 11 ग्राम नमक खाते हैं, जो कि डब्ल्यूएचओ की सिफारिश से 70 से 100 फीसदी ज्यादा है। इस अत्यधिक नमक सेवन के कारण रक्तचाप बढ़ जाता है, जिससे हृदयाघात और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

अन्य स्वास्थ्य समस्याएं

नमक का अत्यधिक सेवन सिर्फ हृदयाघात और स्ट्रोक का कारण नहीं बनता, बल्कि यह पेट के कैंसर, गुर्दे की बीमारी और हड्डियों के कमजोर होने जैसी समस्याओं से भी जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, नमक के अत्यधिक सेवन से शरीर में पानी की अधिकता हो जाती है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और शरीर में सूजन हो सकती है।

क्या होता है अगर हम नमक का सेवन कम करें

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हर व्यक्ति नमक का सेवन 1 ग्राम तक कम कर दे, तो इससे हर साल 4,000 से अधिक लोगों को हृदयाघात और स्ट्रोक से बचाया जा सकता है। यह एक छोटे से बदलाव के जरिए बड़े फायदे का मामला है, जो लोगों की सेहत को लंबे समय तक बेहतर बनाए रख सकता है।

नमक के सेवन को नियंत्रित करना एक चुनौती

दुनिया भर में लोग जानते हैं कि अत्यधिक नमक सेहत के लिए हानिकारक है, लेकिन यह सुनिश्चित करना कि हम कितना नमक खा रहे हैं, एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। खासकर उन खाद्य पदार्थों में, जिनमें सबसे अधिक नमक होता है। इन खाद्य पदार्थों में रोटी, रेडी टू ईट फूड, जंक फूड, पिज्जा, सूप, पनीर और अन्य प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ शामिल हैं। ये खाद्य पदार्थ स्वाद में तो अच्छे होते हैं, लेकिन इनका अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है।

बचाव के उपाय

नमक से बचाव के लिए सबसे आसान तरीका यह है कि हम अपने टेस्ट बड्स को अभ्यस्त करें। इसके जरिए हम अपने भोजन में नमक की मात्रा धीरे-धीरे कम कर सकते हैं। जब हम इसे धीरे-धीरे कम करेंगे, तो हमारी स्वाद ग्रंथी इसकी आदी हो जाएंगी और हम बिना ज्यादा नमक के भी भोजन का स्वाद अच्छा महसूस कर सकेंगे।

कुछ लोग नमक के विकल्प का उपयोग करते हैं, जैसे कि लो-सॉल्ट या पोटैशियम आधारित नमक, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थायी समाधान नहीं है। इससे बेहतर तरीका यह है कि हम अपने भोजन को स्वाभाविक रूप से कम नमक में तैयार करें। इसके लिए हम जड़ी-बूटियों, मसालों और नींबू का उपयोग कर सकते हैं, जिससे खाने का स्वाद भी बढ़ेगा और नमक का सेवन भी कम होगा।

नमक का अत्यधिक सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। यह धीरे-धीरे हमारे शरीर में हानिकारक प्रभाव डालता है, जिससे हृदय, किडनी, और अन्य अंगों की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, हमें अपने नमक के सेवन को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है। छोटे-छोटे बदलाव करके हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं और जीवन को लंबा और स्वस्थ बना सकते हैं।

सेंधा नमक ज्यादा बेहतर

हमलोग अभी ज्यादातर आयोडाइज्ड साॅल्ट या समुद्री नमक का उपयोग करते हैं। इसकी जगह हम सेंधा नमक या राॅक साॅल्ट का उपयोग करें, तो यह ज्यादा बेहतर होगा। सेंधा नमक स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है। हालांकि इसका उपयोग भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

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