रांची: झारखंड के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स में इलाज कराने के लिए झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और ओडिशा से भी मरीज आते हैं। कई बार मरीजों और उनके परिजनों को जांच व दोबारा डॉक्टर से दिखाने के लिए रुकना पड़ता है। ऐसे मरीजों और उनके परिजनों को ठहरने के लिए कैंपस में ही 100 रुपये में बेड उपलब्ध कराया जा रहा है। जी हां, हम बात कर रहे है रिम्स कैंपस में बने विश्राम सदन की, जहां मरीजों के इलाज की पर्ची दिखाकर परिजनों को बेड की सुविधा मिल रही है।
500 रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट
विश्राम सदन में बेड की सुविधा के लिए 500 रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट के बाद बेड दिया जा रहा है। बेड के लिए हर दिन का 100 रुपये चार्ज निर्धारित है। इसके लिए मरीज के ओपीडी या इनडोर की पर्ची की फोटो कॉपी भी जमा कराने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा बेड लेने वाले का आधार कार्ड भी जरूरी है। इससे विश्राम सदन में आने वाले लोगों का रिकार्ड प्रबंधन के पास रहेगा। बेड के साथ एक डोरमेट्री भी है, जिसमें मरीज व उनके परिजन अपना सामान सुरक्षित रख सकते हैं। विश्राम सदन छोड़ते समय सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा 500 रुपये लौटा दिए जाते हैं।
रिम्स के ओपीडी में आते करीब 2 हजार मरीज
हॉस्पिटल के ओपीडी में हर दिन 2 हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें से ज्यादातर मरीजों को डॉक्टर जांच के लिए लिखते हैं। जांच कराने में मरीजों को एक या दो दिन का भी समय लग जाता है। वहीं दूरदराज से आने वाले मरीज एक ही बार डॉक्टर से दिखाकर घर जाना चाहते हैं। वहीं इमरजेंसी में लगभग 500 मरीज हर दिन आते हैं। उनके साथ आने वाले परिजनों का भी कोई ठिकाना नहीं होता।
पावरग्रिड ने कराया है निर्माण
रिम्स में इलाज के लिए आने वाले मरीज व उनके परिजनों के लिए पावरग्रिड ने सीएसआर के तहत 17.82 करोड़ की लागत से विश्राम सदन का निर्माण कराया है। 5034 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्मित विश्राम सदन की क्षमता 310 बेड की है। इसके अलावा विश्राम सदन में मनोरंजन के साधन से युक्त वेटिंग हॉल, फार्मेसी, लाउंड्री, कैंटीन, सामूहिक कक्ष और आवश्यक फर्नीचर की सुविधा उपलब्ध है। परिजनों को विश्राम सदन में रहने की सुविधा रिम्स प्रबंधन द्वारा बहुत ही मामूली शुल्क पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
Read Also: उपायुक्त रांची ने रिम्स अधिकारियों के साथ की बैठक, ये दिया निर्देश

