नई दिल्ली : आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में सोमवार रात हुई भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की मौत और 25 से ज्यादा लोगों के घायल होने के बाद कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। इस हादसे पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए विभिन्न नेताओं ने घटना के कारणों की जांच की मांग की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। तिरुपति मंदिर में हुए इस हादसे को लेकर नेताओं ने प्रशासनिक चूक का भी आरोप लगाया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख
इस बीच इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने दुख प्रकट किया है। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि आंध्र प्रदेश के तिरुपति में मची भगदड़ से आहत हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द ठीक हो जाएं. आंध्र प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।
केंद्रीय और राज्य स्तर के नेताओं ने जताया शोक
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए आंध्र प्रदेश सरकार से घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की अपील की। उन्होंने लिखा कि तिरुमला में हुई भगदड़ से बहुत दुखी हूं, जिसके कारण श्रद्धालुओं की जान चली गई। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। आंध्र प्रदेश सरकार से अनुरोध है कि घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
इसी तरह, केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस हादसे पर दुख जताया और कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से इस मुश्किल घड़ी में घायलों की हरसंभव सहायता करने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि तिरुपति में हुई भगदड़ बेहद दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी तिरुपति में हुई दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि घायल हुए श्रद्धालु जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौटें।
आंध्र प्रदेश सरकार की कार्रवाई और मदद
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इस हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारियों से कहा कि वे पीड़ित परिवारों को उचित सहायता और जानकारी प्रदान करें। उन्होंने टीटीडी गवर्निंग काउंसिल से मृतकों के परिवारों के प्रति नैतिक समर्थन प्रदान करने की जिम्मेदारी लेने को कहा। इसके अलावा, उन्होंने जन सेना के नेताओं से अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को कतारों के प्रबंधन में सहायता प्रदान करने की अपील की।
आंध्र प्रदेश के बंदोबस्ती मंत्री अनम रामनारायण रेड्डी ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि वह अन्य मंत्री के साथ गुरुवार सुबह तक तिरुपति का दौरा करेंगे और पीड़ितों के परिवारों से मिलकर उन्हें हरसंभव मदद देंगे।
घटना के कारण और प्रशासन पर सवाल
9 जनवरी को शुरू होने वाले वैकुंठ एकादशी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ तिरुपति पहुंची थी। जानकारी के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब तिरुमला के बैरागी पट्टेदा और एमजीएम स्कूल के पास टोकन वितरण के काउंटरों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। टोकन वितरण के लिए काउंटर 9 जनवरी को शुरू होने थे, लेकिन 8 जनवरी की रात से ही श्रद्धालु वहां जुटने लगे थे। जब टोकन वितरण शुरू हुआ, तो भीड़ अनियंत्रित हो गई और भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।
इस घटना को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। टीटीडी के अधिकारी और पुलिस अधिकारियों पर भीड़ को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों को घायलों को CPR देते हुए देखा गया। यह घटना प्रशासनिक चूक और व्यवस्था की कमी को उजागर करती है, जो भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सुधार की आवश्यकता को दर्शाती है।

