Home » Gorakhpur News: DDU में SWAYAM पाठ्यक्रमों पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम, जानें क्या बोलीं मुख्य वक्ता

Gorakhpur News: DDU में SWAYAM पाठ्यक्रमों पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम, जानें क्या बोलीं मुख्य वक्ता

अब गोरखपुर विश्वविद्यालय का मानविकी और सामाजिक विज्ञान का छात्र SWAYAM या NPTEL के माध्यम से एक या एक से अधिक ऑनलाइन पाठ्यक्रम चुनकर क्रेडिट अर्जित कर सकता है और अपनी पढ़ाई पूरी कर सकता है।

by Anurag Ranjan
Gorakhpur News: DDU में SWAYAM पाठ्यक्रमों पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

गोरखपुर : दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDUGU) में कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन के नेतृत्व में SWAYAM पाठ्यक्रमों पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यशाला की मुख्य वक्ता आईआईटी कानपुर की डॉ. अंगना सेनगुप्ता ने स्वयं पाठ्यक्रमों को अपनाने की प्रक्रिया और दिशानिर्देशों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्र एक शैक्षणिक सत्र में ई-पाठ्यक्रमों से विश्वविद्यालय के 40% क्रेडिट प्राप्त कर सकते हैं।

सात श्रेणियों में विभाजित हैं SWAYAM पाठ्यक्रम

SWAYAM (स्वयं) आर्किटेक्चर और प्लानिंग, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी, मानविकी और कला, कानून, प्रबंधन और वाणिज्य, गणित और विज्ञान और एनपीटीईएल डोमेन (आईआईटी द्वारा प्रस्तुत नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एन्हांस्ड लर्निंग के ऑनलाइन/वीडियो पाठ्यक्रम) सात श्रेणियों में विभाजित है। प्रत्येक श्रेणी को छोटे पाठ्यक्रम मॉड्यूल में विभाजित किया गया है, जिन्हें छात्र अपनी पसंद के अनुसार चुनने के साथ ही पंजीकरण कर सकते हैं और ऑनलाइन सीख सकते हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा हर सेमेस्टर के अंत में साल में दो बार परीक्षाएं आयोजित की जाती है।

डॉ. सेनगुप्ता ने विश्वविद्यालय के स्टाफ और कॉलेज प्रतिनिधियों को प्रेजेंटेशन के दौरान बताया कि आईआईटी और आईआईएम जैसे शीर्ष संस्थानों द्वारा मुफ्त में प्रदान किए गए पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्र और युवा पेशेवर विशेष क्षेत्रों में क्रेडिट, प्रमाण पत्र, और डिप्लोमा प्राप्त कर सकते हैं। केवल 750 रुपये प्रति पाठ्यक्रम की मामूली शुल्क में परीक्षा देकर ये सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो छात्रों और युवा पेशेवरों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।

स्वयं कार्यशाला में गोरखपुर विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों के प्रतिभागियों सहित विभिन्न संकायों और संस्थानों के डीन, निदेशक, और विभागाध्यक्ष शामिल हुए। इस कार्यशाला का आयोजन गोरखपुर विश्वविद्यालय के स्थानीय स्वयं पाठ्यक्रम अध्याय द्वारा किया गया।

एक से अधिक ऑनलाइन पाठ्यक्रम चुनकर क्रेडिट अर्जित कर सकता है छात्र : कुलपित

कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने मीडिया से कहा कि यह हमारे छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में वर्णित लचीलापन प्रदान करेगा। अब गोरखपुर विश्वविद्यालय का मानविकी और सामाजिक विज्ञान का छात्र SWAYAM या NPTEL के माध्यम से एक या एक से अधिक ऑनलाइन पाठ्यक्रम चुनकर क्रेडिट अर्जित कर सकता है और अपनी पढ़ाई पूरी कर सकता है। अब तक एक छात्र केवल एक विश्वविद्यालय का अनुभव प्राप्त करता था, लेकिन यह शिक्षा को वास्तव में लोकतांत्रिक बनाता है।” उन्होंने कहा कि यह छात्रों में कौशल विकास को भी बढ़ावा देगा, “क्योंकि एक विश्वविद्यालय वह विशेष कौशल प्रदान नहीं कर सकता जो कोई दूसरा विश्वविद्यालय प्रदान करता हो।”

Read Also: Gorakhpur News : DDU में शुरू हुआ दंत चिकित्सा का ओपीडी, विद्यार्थियों को मिलेगा चिकित्सकीय परामर्श

Related Articles