नई दिल्ली: भारत के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का चयन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण चयन समिति की बैठक 17 फरवरी को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल भी शामिल होंगे।
यह बैठक मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के 18 फरवरी को रिटायर होने के कारण हो रही है। राजीव कुमार के रिटायरमेंट के बाद, चुनाव आयोग के शीर्ष पद के लिए नए प्रमुख की नियुक्ति के प्रक्रिया में तेजी आई है। इसलिए, इस बैठक में चयन समिति नए मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम पर चर्चा करेगी और एक नाम को अंतिम रूप देगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का कार्यकाल
राजीव कुमार ने 2022 में मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। उनके नेतृत्व में चुनाव आयोग ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों और कई राज्य विधानसभा चुनावों की सफलतापूर्वक निगरानी की। इनमें जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, झारखंड और दिल्ली विधानसभा चुनाव शामिल हैं। राजीव कुमार के कार्यकाल में चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में, चुनाव आयोग ने कई महत्वपूर्ण सुधार भी किए।
चयन समिति की बैठक: क्या होगा अगला कदम?
चयन समिति की यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें यह तय किया जाएगा कि अगला मुख्य चुनाव आयुक्त कौन होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के पद के लिए ज्ञानेश कुमार का नाम सबसे आगे है। चुनाव आयोग के वर्तमान वरिष्ठतम चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर संभावना जताई जा रही है कि वे इस पद पर काबिज हो सकते हैं। हालांकि, चयन समिति के पास पांच उम्मीदवारों के नाम भेजे जाएंगे, और इसमें से एक का चयन किया जाएगा।
नए मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया
मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन एक पारंपरिक प्रक्रिया के तहत किया जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और कानून मंत्री मिलकर उम्मीदवारों की सूची पर विचार करते हैं। यह चयन प्रक्रिया संवैधानिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्य निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों की निगरानी करना होता है।
हाल ही में, एक नया कानून लागू किया गया था, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त के पद के लिए सबसे वरिष्ठ चुनाव आयुक्त को प्रमोट किया जाता है। इसके अनुसार, 18 फरवरी को राजीव कुमार के रिटायरमेंट के बाद, सबसे वरिष्ठ चुनाव आयुक्त को मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, यदि चयन समिति इस पर सहमत होती है।
आखिरकार, नए चुनाव आयुक्त के लिए चयन की प्रक्रिया देश के चुनावी भविष्य के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस चयन से न केवल आगामी लोकसभा चुनावों के संचालन में प्रभाव पड़ेगा, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव भी सुनिश्चित होगी।
अब, 17 फरवरी की बैठक पर सभी की नजरें लगी हैं, जिसमें नए मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम का खुलासा किया जाएगा और देश के चुनावी भविष्य की दिशा तय की जाएगी।

