पटना: बिहार के आगामी आम बजट के पहले, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार से कई अहम मांगें की हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने बिहार की मौजूदा स्थिति और बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जताई और सरकार से महत्वपूर्ण कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह बजट राज्य के लोगों को राहत देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
महिलाओं के लिए 2500 रुपये की मांग
तेजस्वी यादव ने सबसे पहले महिलाओं के लिए बजट में महत्वपूर्ण राहत की मांग की। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी, यह आपका आखिरी बजट है। आप महिलाओं के खाते में 2500 रुपये ट्रांसफर करें, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।” तेजस्वी का यह बयान खासतौर पर बिहार की महिलाओं के लिए था, जो अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई महसूस कर रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बिहार में महिलाएं खून की कमी, कुपोषण, और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में महिलाओं का सबसे बड़ा प्रतिशत स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहा है और इस मुद्दे को हल करने के लिए मुख्यमंत्री को बजट में उपयुक्त कदम उठाने चाहिए।
गैस सिलेंडर की कीमत पर चिंता
तेजस्वी ने गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “गैस सिलेंडर बहुत महंगा हो गया है। सरकार को गैस सिलेंडर की कीमत 500 रुपये तक घटानी चाहिए, ताकि आम आदमी इसे अफोर्ड कर सके।” उनके अनुसार, बिहार में महंगाई ने लोगों के घर के बजट को बिगाड़ दिया है और गैस सिलेंडर की महंगी कीमतों से परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि की मांग
तेजस्वी यादव ने वृद्धा पेंशन और विकलांग पेंशन को लेकर भी अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिहार में पेंशन राशि सबसे कम है और यह केवल 400 रुपये प्रति माह है। इस राशि में बढ़ोतरी की आवश्यकता है, इसे 1500 रुपये किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वृद्धा पेंशन और विकलांग पेंशन की राशि बढ़ाई जाए, ताकि बुजुर्गों और विकलांग व्यक्तियों को बेहतर जीवन जीने का अवसर मिल सके।
200 यूनिट बिजली फ्री करने की मांग
महंगाई से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए तेजस्वी यादव ने सरकार से एक और मांग की। उन्होंने कहा कि हर घर को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जानी चाहिए। उनका मानना था कि इस फैसले से गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों को काफी राहत मिलेगी, और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
जातीय सर्वे और आरक्षण को लेकर भी उठाई चिंता
तेजस्वी ने जातीय सर्वे और आरक्षण पर भी सरकार से सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जाति आधारित गणना के बाद पता चला कि बिहार के 94 लाख परिवारों की आय काफी कम है। ऐसे परिवारों को दो लाख रुपये का सहयोग देने का निर्णय उनकी सरकार ने लिया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील की कि इस काम को पुनः शुरू किया जाए और आरक्षण बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों को लागू किया जाए।
तेजस्वी का आखिरी बजट पर बयान
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बजट को लेकर भी कुछ अहम टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का आखिरी बजट है और उन्होंने उनसे उम्मीद जताई कि इस बजट में जनता के लिए राहत देने वाले फैसले लिए जाएंगे। उनका मानना था कि बिहार के लोग लंबे समय से महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी का सामना कर रहे हैं, अब समय आ गया है जब सरकार को उनके भले के लिए फैसले लेने चाहिए।
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