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Jharkhand News : विद्यार्थियों में बढ़ते ‘डिजिटल व्यसन’ को रोकने के लिए झारखंड में कर्नाटक की तर्ज पर ‘स्क्रीन टाइम’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग

Jharkhand News : सुराज्य अभियान के तहत, जिला उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम के माध्यम से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हिंदू जनजागृति समिति का आग्रह

by Birendra Ojha
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जमशेदपुर : हिंदू जनजागृति समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कहा गया है कि डिजिटल व्यसन की बढ़ती समस्या को रोकने के लिए कर्नाटक की तर्ज पर झारखंड में भी छात्रों का पढ़ाई के अतिरिक्त ‘स्क्रीन टाइम’ प्रतिदिन 1 घंटा सीमित किया जाए और शाम 7 बजे के बाद इंटरनेट के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए। हिंदू जनजागृति समिति के सुराज्य अभियान के अंतर्गत, उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान समिति की ओर से बी. वी. कृष्णा, सुदामा शर्मा, रंजना वर्मा, डी. टी. वी. प्रसाद, बी. गोपाल राव एवं चंदन प्रसाद उपस्थित थे।

समिति के सुराज्य अभियान के समन्वयक शंभू गवारे ने कहा कि कर्नाटक सरकार के अनुसार, लगभग 25 प्रतिशत किशोर इंटरनेट के आदी हैंं। इसके कारण नींद की कमी, चिंता और एकाग्रता में कमी (लक्ष्य विचलित होना) जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। गोवा सरकार भी 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है और समझा जाता है कि इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक समिति नियुक्त की गई है ।

इस ज्ञापन के माध्यम से की गई अन्य मांगेंं

  1. छात्रों के हित में झारखंड में छात्रों के लिए ‘डिजिटल’ उपयोग के संबंध में नीति तैयार की जाए।
  2. प्रत्येक स्कूल अपनी ‘डिजिटल उपयोग नीति’ तैयार करे, जिसमें ‘डिजिटल डिटॉक्स डे’ और ‘टेक-फ्री’ समय शामिल हो।
  3. इंटरनेट के अत्यधिक उपयोग के कारण होने वाली चिंता, नींद की कमी और एकाग्रता के अभाव जैसी समस्याओं के लिए स्कूलों में सक्षम काउंसलिंग व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए।
  4. छात्रों को साइबर बुलिंग, गोपनीयता और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार के बारे में शिक्षा दी जानी चाहिए।
  5. 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त नियम तैयार किए जाने चाहिए।
  6. घर में ‘नो-फोन ज़ोन’ तैयार करने और बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर नजर रखने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।

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