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Chaibasa News : कोल्हान के दुर्गम जंगलों की भौगोलिक स्थिति का जानकार था इसराइल पूर्ति; सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रखने का मिला था जिम्मा

Chaibasa News : पुलिस के अनुसार गोली लगने के बाद इसराइल जंगल में भाग गया था। 62 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद जवानों ने उसका शव बरामद किया।

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के कोल्हान जंगल में 29 अप्रैल को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत पूर्ति के शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को चाईबासा सदर अस्पताल में किया गया। तीन डॉक्टरों की टीम की ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया । फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया। उन्होंने के पिता चरण पूर्ति, मां मसुरी पूर्ति और भाई शव लेकर अपने गांव चले गए। वे सभी पोस्टमार्टम हाउस अन्य सदस्यों के साथ पहुंचे थे।

29 अप्रैल को हुई थी मुठभेड़

मुठभेड़ 29 अप्रैल को तड़के करीब 4:30 बजे टोंटो थाना क्षेत्र के रूटुगुटू जंगल में हुई थी। सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम का नक्सलियों से लगभग 45 मिनट तक फायरिंग हुई। इस दौरान इसराइल पूर्ति मारा गया, जबकि बाकी नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले।

62 घंटे बाद मिला शव

पुलिस के अनुसार गोली लगने के बाद इसराइल जंगल में भाग गया था। 62 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद जवानों ने उसका शव बरामद किया। गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे शव को कड़ी सुरक्षा के बीच चाईबासा सदर अस्पताल लाया गया था।

कौन था इसराइल पूर्ति

गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सांगाजाटा के सासंगसाल गांव का रहने वाला इसराइल पूर्ति अजय माहतो के दस्ते का अहम सदस्य था। वह कोल्हान के दुर्गम जंगलों की भौगोलिक जानकारी में माहिर था। नक्सलियों को सुरक्षित रास्ता दिखाने और सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रखने का काम करता था। वर्तमान में अजय महतो का अंगरक्षक के रूप में काम कर रहा था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार

15 साल की उम्र में 2017 में वह नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। उस समय नक्सलियों के लिए सामान ढोने का काम करता था। लेकिन धीरे-धीरे वह संगठन में सक्रिय और हिंसक भूमिका निभाने लगा। हत्या, अपहरण, आईईडी ब्लास्ट समेत कई मामलों में आरोपी था। हाल ही में गोइलकेरा के दुगुनिया में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या में भी इसकी भूमिका सामने आई थी। सरकार ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

आगे की कार्रवाई

सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से हथियार और नक्सलियों का सामान बरामद किया है। एक सुरक्षित ठिकाना भी ध्वस्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि सारंडा से हटकर नक्सली अब कोल्हान के जंगलों में 20-30 के समूह में सक्रिय हैं। मिसर बेसरा और अजय महतो, सागेन अंगरिया के दस्ते के खिलाफ सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।फिलहाल कोल्हान और सारंडा के जंगलों में सुरक्षाबलों द्वारा बड़े पैमाने पर नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। हजारों की संख्या में जवान इलाके में सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। पुलिस ने एक बार फिर नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट आएं और आत्मसमर्पण करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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