चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में नशा मुक्त झारखंड अभियान के तहत जिला समाज कल्याण शाखा के तत्वावधान में मंगलवार को जिला समाहरणालय परिसर से व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार ने उप विकास आयुक्त, अपर उपायुक्त, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी, प्रशिक्षु आईएएस और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी की मौजूदगी में किया। डीसी ने उपस्थित सभी सेविकाओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं पदाधिकारियों को नशा मुक्त झारखंड के संकल्प को साकार करने हेतु शपथ दिलाई। इसके बाद उपायुक्त व सभी पदाधिकारियों ने गुब्बारे उड़ाकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया।
स्कूटी रैली और जागरूकता रथ रवाना
इस अवसर पर नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सेविकाओं की स्कूटी रैली, पैदल रैली तथा दो नशा मुक्त झारखंड जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में महिला व पुरुष की मौजूदगी रही। सभी ने गांव-गांव घूमकर नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया।
नशे के दुष्प्रभावों से कराएंगे अवगत
कार्यक्रम में बताया गया कि रैली एवं जागरूकता रथों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों, परिवार एवं समाज पर पड़ने वाले इसके प्रतिकूल प्रभावों तथा नशामुक्त जीवन के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं एवं आम नागरिकों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
हस्ताक्षर अभियान में दिखी प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने हस्ताक्षर अभियान बोर्ड पर हस्ताक्षर कर नशा मुक्त झारखंड के संकल्प के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस मौके पर लगभग 150 सेविकाएं, महिला पर्यवेक्षिकाएं, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
नशामुक्त समाज के लिए सामुदायिक भागीदारी जरूरी: उपायुक्त
इस अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में सामुदायिक भागीदारी एवं जन-जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रत्येक नागरिक को इस अभियान से जुड़कर समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त बनाने में योगदान देना चाहिए। सभी मिलकर प्रयास करें तो नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।

