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झारखंड में दुर्लभ खनिजों की खोज, खनन और तकनीकी सहयोग करेंगी अमेरिकी कंपनियां

by Nikhil Kumar
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मुख्य सचिव के साथ अमेरिकी काउंसलेट जनरल और उनकी टीम की अहम बैठक, क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा

रांची : झारखंड में परंपरागत खनिजों के अलावा दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की खोज, खनन, प्रसंस्करण और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इस संबंध में मंगलवार को मुख्य सचिव अविनाश कुमार और अमेरिकी काउंसलेट जनरल कैली जाइल डियाज के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान झारखंड के खनिज क्षेत्र में उपलब्ध व्यापक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि झारखंड में कोयला, लौह अयस्क, तांबा, बॉक्साइट, सोना और चूना पत्थर (लाइम स्टोन) जैसे परंपरागत खनिजों के विशाल भंडार उपलब्ध हैं तथा इनके खनन और प्रसंस्करण के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
इसके अलावा राज्य में दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिजों से संबंधित 20 से अधिक खनिजों की मौजूदगी है। इनमें लिथियम, टाइटेनियम, वैनेडियम, सिल्वर, ग्रेफाइट समेत कई महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। साथ ही, दुर्लभ खनिजों के नए क्षेत्रों की खोज और अन्वेषण की प्रक्रिया भी लगातार जारी है।

बैठक के दौरान अमेरिकी काउंसलेट जनरल के माध्यम से अमेरिकी कंपनियों को झारखंड में खनन, खनिज अन्वेषण और उन्नत तकनीक आधारित गतिविधियों से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्हें बताया गया कि इस क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक के साथ कार्य कर रही विश्व की विभिन्न अग्रणी कंपनियों के साथ राज्य सरकार लगातार संपर्क स्थापित कर रही है और इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति भी हुई है।
बैठक में इच्छुक कंपनियों को खनिज ब्लॉक उपलब्ध कराने तथा अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से खनन और प्रसंस्करण कार्य किए जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा, अमेरिकी काउंसलेट जनरल कैली जाइल डियाज सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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