रांची : झारखंड के कलाकारों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने राज्य सरकार से एक खास मांग की है। उनका कहना है कि झारखंड की नई फिल्म नीति (Film Policy) में भोजपुरी के साथ-साथ राज्य की सभी क्षेत्रीय और स्थानीय भाषाओं को भी जगह मिलनी चाहिए। इस सिलसिले में कलाकारों के एक दल ने मंगलवार को राज्य के कला एवं संस्कृति मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात की और उन्हें अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।
फिल्म बनाने वालों ने की सब्सिडी की मांग
कलाकारों का कहना है कि झारखंड में कई तरह की भाषाएं और संस्कृतियां हैं। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह भोजपुरी, नागपुरी, संथाली, कुड़ुख, मुंडारी, खोरठा, मगही, मैथिली, हिंदी, बंगाली और पंजाबी समेत सभी भाषाओं की फिल्मों को आगे बढ़ाने के लिए मदद करे। उन्होंने मांग की कि इन सभी भाषाओं की फिल्मों को बराबर का मौका मिलना चाहिए और फिल्म बनाने वालों को सब्सिडी (सरकारी मदद) व दूसरी जरूरी सुविधाएं दी जानी चाहिए।
इसके अलावा, राज्य में फिल्मों की शूटिंग आसान बनाने के लिए एक साफ-सुथरी और नई ‘शूटिंग पॉलिसी’ भी बनाई जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि झारखंड में खूबसूरती की कोई कमी नहीं है। यहां के सुंदर झरने, घने जंगल, पहाड़ और ऐतिहासिक जगहें फिल्मों की शूटिंग के लिए बेहतरीन हैं। अगर सरकार फिल्म बनाने को बढ़ावा देगी, तो बाहर से भी लोग यहां शूटिंग के लिए आएंगे। इससे झारखंड के स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों (Technicians) और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। साथ ही, झारखंड की अनूठी संस्कृति को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी।
मंत्री ने दिया भरोसा
कलाकारों की बातें सुनने के बाद कला एवं संस्कृति मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया। मंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के कलाकारों और फिल्म उद्योग की तरक्की के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने वादा किया कि कलाकारों ने जो भी सुझाव दिए हैं, उन पर सरकार बहुत जल्द और सकारात्मक तरीके से विचार करेगी।
इस मुलाकात के दौरान भोजपुरी युवा विकास मंच के अध्यक्ष अशोक द्विवेदी, आशुतोष द्विवेदी, संजय पुजारी, लव पाठक, अशोक कुमार, बृजेश कुमार और मिथिला युवा मंच के अध्यक्ष अवधेश ठाकुर समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
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