Home » LAY OFF IN COMPANY : ओला ने 1000 कर्मचारियों की छंटनी का लिया फैसला, कंपनी के लिए आ रहे हैं नए संकट

LAY OFF IN COMPANY : ओला ने 1000 कर्मचारियों की छंटनी का लिया फैसला, कंपनी के लिए आ रहे हैं नए संकट

ओला इलेक्ट्रिक की इस छंटनी को कंपनी के वित्तीय नुकसान और बाजार में गिरती स्थिति को सुधारने के नजरिए से देखा जा रहा है

by Rakesh Pandey
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

मुंबई: इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओला इलेक्ट्रिक, जो दोपहिया वाहन बनाने के लिए जानी जाती है, ने हाल ही में अपने 1000 से अधिक कर्मचारियों को बाहर करने का फैसला किया है। ये कर्मचारी ज्यादातर कॉन्ट्रैक्ट पर थे और विभिन्न विभागों में कार्यरत थे। यह छंटनी कंपनी के लिए लगातार हो रहे वित्तीय नुकसान और संकट का हिस्सा बन गई है।

कंपनी में हो रही दूसरी छंटनी, शेयर बाजार में भी गिरावट:

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओला की छंटनी के दायरे में कस्टमर रिलेशंस, भर्ती डिपार्टमेंट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डिपार्टमेंट जैसे महत्वपूर्ण विभाग भी आ रहे हैं। कंपनी के लिए यह दूसरी बार है जब उसने छंटनी का कदम उठाया है। पिछले साल अगस्त में ओला की शेयर लिस्टिंग धमाकेदार रही थी, लेकिन अब शेयरों की कीमतों में निरंतर गिरावट आ रही है। दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 50 प्रतिशत तक नुकसान की घोषणा की थी।

विवादों से जूझ रही ओला:

ओला कंपनी को पिछले कुछ समय में ग्राहकों की शिकायतों और कस्टमर सर्विस को लेकर भी विवादों का सामना करना पड़ा है। उपभोक्ता अदालत ने कंपनी को सेवा में सुधार का आदेश दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस भी देखने को मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी के पास लगभग 4000 कर्मचारी थे, जिनमें से अब 1000 को बाहर किया जा रहा है। हालांकि, इनमें ज्यादातर कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड थे, जिनकी स्थायी नियुक्ति नहीं थी।

कंपनी के पुनर्गठन प्रयास:

ओला के एक करीबी सूत्र ने बताया कि कंपनी लगातार अपने बिजनेस को बेहतर बनाने की कोशिशों में जुटी है। वह अलग-अलग विभागों में सुधार और पुनर्गठन कर रही है। ओला ने इलेक्ट्रिक स्कूटर के नए-नए मॉडल भी लॉन्च किए हैं और ईवी क्षेत्र में नई-नई पहलों को लेकर आशावान रही है। ओला ने अपनी छंटनी नीति में बदलाव की बात भी कही है और इसके साथ ही मार्जिन सुधारने और ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने पर जोर दिया है।

बेहतर बिक्री की उम्मीद, लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं हुआ:

हालांकि, ओला इलेक्ट्रिक ने हाल ही में फरवरी में 25,000 से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री की बात कही, लेकिन उसने 50,000 यूनिट्स बेचने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे वह पूरा नहीं कर पाई। भारत सरकार के वाहन पंजीकरण आंकड़ों के मुताबिक, बजाज ऑटो ने दिसंबर में इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि ओला इलेक्ट्रिक को टीवीएस मोटर कंपनी के बाद तीसरे स्थान पर रखा गया है।

ग्राहक सेवा में सुधार का दबाव:

ओला के लिए सबसे बड़ा दबाव उसकी ग्राहक सेवा से जुड़ा है, जहां पिछले महीने 80,000 से ज्यादा शिकायतें आईं। कंपनी ने भी इसे सुधारने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव की बात की है। कंपनी के फ्रंट एंड ऑपरेशंस को स्वचालित करने और बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा, ओला ने अपने विभिन्न स्टोर आउटलेट्स की संख्या में भी वृद्धि की है।

नुकसान के बावजूद सुधार की कोशिशें:

ओला इलेक्ट्रिक की इस छंटनी के पीछे कंपनी के वित्तीय नुकसान और बाजार में गिरती स्थिति को सुधारने की कोशिशें साफ नजर आ रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या ये प्रयास कंपनी को फिर से अपनी खोई हुई जमीन पर ला सकेंगे या नहीं।

Read Also- Ram Mandir : राम मंदिर में आज से लागू होंगे नए नियम, 6:30 बजे से शुरू होगा रामलला का दर्शन, रात 10 बजे होगी शयन आरती

Related Articles