
रांची : झारखंड के वित्त मंत्री ने 2025-26 के बजट को विधानसभा में प्रस्तुत करते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूती पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक विकास दर लगातार सुधार रही है। वर्ष 2019-20 में राज्य की विकास दर केवल 1.1 प्रतिशत थी, जबकि 2022-23 में यह 7.8 प्रतिशत तक पहुंची और 2023-24 में 7.5 प्रतिशत रही। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि आगामी वर्ष 2025-26 में विकास दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
झारखंड के वित्त मंत्री ने 2025-26 के बजट को विधानसभा में प्रस्तुत करते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूती पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक विकास दर लगातार सुधार रही है। वर्ष 2019-20 में राज्य की विकास दर केवल 1.1 प्रतिशत थी, जबकि 2022-23 में यह 7.8 प्रतिशत तक पहुंची और 2023-24 में 7.5 प्रतिशत रही। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि आगामी वर्ष 2025-26 में विकास दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

बहतर वित्तीय प्रबंधन
वित्त मंत्री ने बताया कि गठबंधन सरकार ने राज्य के राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में राजकोषीय घाटा 1.1 प्रतिशत तक सीमित किया गया है, जिससे राज्य का डेट-जीडीपी रेशियो सुधरा है। 2021-22 में यह 30.2 प्रतिशत था, 2022-23 में 28.4 प्रतिशत और 2023-24 में 27.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
राजस्व आय में लगातार वृद्धि
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य की राजस्व आय (कर और गैर-कर राजस्व) में लगातार वृद्धि हो रही है। 2019-20 में राज्य की कुल राजस्व आय 25,521 करोड़ रुपये थी, जो 2023-24 में बढ़कर 41,429.88 करोड़ रुपये हो गई है। 2025-26 में राज्य की कुल राजस्व आय 61,056.12 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
पूंजीगत परिव्यय में वृद्धि
वित्त मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार ने विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है और पूंजीगत परिव्यय में वृद्धि की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पूंजीगत परिव्यय में 9.06 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, और इस वर्ष इसे 25,720 करोड़ 41 लाख रुपये के स्तर पर रखा गया है।
सिंकिंग फंड में 2282 करोड़ का निवेश
सड़क और आधारभूत संरचना के विकास के लिए सरकार ने ऋण लिया है, और इससे संबंधित पहले लिए गए ऋणों के भुगतान के लिए सिंकिंग फंड में निरंतर निवेश किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने बताया कि 2020-21 से अब तक सिंकिंग फंड में कुल 2282 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। इस वर्ष इसके लिए 638 करोड़ 13 लाख रुपये का पुनः निवेश प्रस्तावित है।
पेंशन कोष में निवेश
वित्त मंत्री ने राज्य के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए पेंशन कोष के गठन की भी घोषणा की। 2023-24 में पेंशन कोष में 700 करोड़ रुपये और 2024-25 में 780 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि 2025-26 में इस कोष में 832 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया गया है।
1 लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपये का बजट
वित्त मंत्री ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एक लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है, जो पिछले वर्ष से 13 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार का आर्थिक स्वास्थ्य मजबूत है और यह बजट राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रॉयल्टी व बकाया राशि पर विशेष जोर
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने राज्य की आर्थिक स्थिति और योजनाओं का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने सदन में यह जानकारी दी कि झारखंड सरकार केंद्र से राज्य की रॉयल्टी का एक-एक पाई वापस लाएगी, और इसके लिए कार्रवाई की जा रही है। यदि आवश्यक हुआ तो राज्य सरकार केंद्र सरकार के खिलाफ कानूनी कदम भी उठा सकती है।

बकाया राशि का मुद्दा
सत्र की कार्यवाही सुबह 11:05 बजे शुरू हुई, जिसके बाद प्रश्नकाल हुआ। इस दौरान जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने केंद्र सरकार पर झारखंड के 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया होने का मुद्दा उठाया। इस पर प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जवाब दिया कि बकाया राशि की सही गणना के लिए एक समिति का गठन किया गया है, और शीघ्र ही इस मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा।

