
रांची:राजधानी रांची में साइबर अपराधियों ने जामताड़ा मॉड्यूल की तर्ज पर शहर के भीतर ही ठगी का एक बड़ा अड्डा खड़ा कर लिया था। रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के दो अलग-अलग अपार्टमेंट्स के फ्लैटों पर अचानक छापा मारा और गिरोह के 10 शातिर सदस्यों को धर दबोचा। इस दौरान पुलिस ने एक नाबालिग को भी हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेज दिया है।
किराए के फ्लैटों को बनाया था सेफ जोन
पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि इन साइबर ठगों ने अपनी पहचान छिपाने और पुलिस की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। इन्होंने शहर के आम रिहायशी इलाकों-सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के पराशर अपार्टमेंट और पंडरा ओपी क्षेत्र के मालती अपार्टमेंट में फ्लैट किराए पर ले रखे थे।
यहीं से बैठकर वे बेखौफ होकर लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। एसएसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कोतवाली एएसपी के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया और एक साथ दोनों ठिकानों पर दबिश दी गई।
आसान लोन और नौकरी का प्रलोभन
यह गिरोह बहुत ही सोची-समझी रणनीति के तहत काम करता था। आरोपी फोन कॉल्स के माध्यम से भोले-भाले लोगों को आसान शर्तों पर लोन दिलाने या आकर्षक नौकरियों का झांसा देते थे। लोग जब इनके झांसे में आ जाते थे, तो प्रोसेसिंग फीस या अन्य बहानों के नाम पर उनसे पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे।
भारी मात्रा में सामान और दस्तावेज बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से जो सामान जब्त किया है, उससे इस बात का खुलासा होता है कि इनका नेटवर्क कितना फैला हुआ था। पुलिस ने मौके से
लगभग 8 लाख रुपये नकद,36 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड,1 लैपटॉप,32 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, 5 पासबुक और एक चेकबुक बरामद किए हैं।
25 ऐसी नोटबुक जिनमें ठगी के शिकार लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और पैसों के लेन-देन का हिसाब-किताब दर्ज है
फिलहाल पुलिस बरामद नोटबुक्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन लोगों ने अब तक कुल कितने लोगों को ठगा है और इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अधिकतर आरोपी पलामू के रहने वाले
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में रितिक कुमार सिंह, अजीत कुमार मेहता, सूरज कुमार सिंह, अमनदीप कुमार, सूरजदेव कुमार, अमित रंजन, अविनाश कुमार, राजकमल वर्मा, रंजीत कुमार और सत्यम कुमार वर्मा शामिल हैं। इनमें से अधिकांश आरोपी पलामू जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जबकि एक आरोपी गढ़वा का निवासी है।
इस मामले में रांची के साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इन सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में जुटी है ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
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