गिरीडीह: गैंगस्टरअमन साहू का झारखंड के गिरिडीह जेल से गहरा नाता रहा है। उसने जेल में रहते हुए भी अपराध का नेटवर्क चलाया और अधिकारियों पर दबाव बनाया। 22 जुलाई 2022 को उसने जेल प्रशासन से सुविधाएं न मिलने पर जेलर प्रमोद कुमार के वाहन पर फायरिंग करवाई। उस वक्त जेलर कोर्ट के काम से जा रहे थे, लेकिन हमले में वे बच गए।
अमन व सुजीत सिन्हा
संगठित वसूली गैंगगिरिडीह जेल सिर्फ अमन ही नहीं, बल्कि सुजीत सिन्हा के लिए भी कनेक्शन प्वाइंट रहा है। 2018 में गिरिडीह जेल में शिफ्ट होने के बाद, सुजीत ने जेल अधीक्षक से मोबाइल व अन्य सुविधाओं की मांग की थी। जब उसे यह सुविधाएं नहीं मिलीं, तो उसने पटना में जेल अधीक्षक के घर गुर्गे भेजकर धमकी दिलवाई थी। हालांकि, 2024 में सुजीत को सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया था।
विदेशी नंबर से धमकी और जेल में वसूली रैकेट
अमन साहू 2022 में जेलर पर फायरिंग के बाद सिमडेगा जेल भेजा गया था, लेकिन 2024 में फिर गिरिडीह जेल लाया गया। जेल में रहते हुए भी उसने अधिकारियों पर दबाव बनाया। विदेशी नंबर से कॉल करवाकर जेल अधिकारी को धमकाया, जिसमें मामला फिर दर्ज हुआ था।
रंगदारी के पैसों से बनाई संपत्ति
अमन ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि उसने लेवी (extortion) के पैसों को कई जगह निवेश किया था।
– बुढ़मू में 73 डिसमिल जमीन अपने परिवार के नाम पर खरीदी थी।
– सुजीत सिन्हा ने कांके में 44 एकड़ जमीन का एग्रीमेंट किया था।
– नेपाल के काठमांडू में “रायल एंपायर बुटिक होटल” में पार्टनरशिप की।
– रांची के ओवरब्रिज के सामने “फोर्क एन कार्क” रेस्टोरेंट में हिस्सेदारी है।
राजनीति और अपराध का गठजोड़
बीजेपी नेता और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रमेश सिंह ने खुलासा किया कि अमन साहू ने अभय सिंह से 2 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। अभय सिंह के निधन के बाद भी अमन ने पैसे की मांग जारी रखी, जिससे मामला पुलिस तक पहुंचा। गिरफ्तारी और केस जेलर पर फायरिंग की साजिश में अमन के गुर्गे लौकी रविदास समेत दो अपराधी गिरफ्तार किए गए थे, जो फिलहाल जेल में हैं। गिरिडीह में अमन के खिलाफ दो केस दर्ज हैं, और पुलिस उसकी आपराधिक गतिविधियों पर नजर रख रही है।

