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Jharkhand Assembly MLA Kalpna Soren : केंद्र सरकार के पास मनरेगा मजदूरों के 1200 करोड़ रु बकाया

• विधायक कल्पना सोरेन ने विधानसभा में उठाया मनरेगा बकाया मजदूरी का मामला

by Anand Mishra
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रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की विधायक कल्पना सोरेन ने बुधवार को झारखंड विधानसभा में अपने अल्पसूचित प्रश्न के जरिए मनरेगा मजदूरों की बकाया मजदूरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने मनरेगा के सामग्री मद में केंद्र सरकार के पास बकाया राशि के भुगतान का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लगभग 1200 करोड़ रुपए बकाया हैं।

मनरेगा मजदूरी का मुद्दा और केंद्र का रवैया

कल्पना सोरेन ने कहा कि मनरेगा मजदूरी ग्रामीणों के लिए जीवन रेखा है, बावजूद मजदूरों को त्योहारों पर भी अपनी मेहनत की मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है। उन्होंने केंद्र से बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग की। सोरेन ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र और हरियाणा में जहां मनरेगा मजदूरों को 376 रुपए मिलते हैं, वहीं झारखंड में यह दर केवल 235 रुपए है। इससे यह साफ होता है कि झारखंड के मजदूरों को अन्य राज्यों की तुलना में कम मजदूरी मिल रही है।

वित्त मंत्री ने बताया केंद्र से बकाया राशि का हाल

इस पर राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने बकाया राशि अभी तक नहीं दी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के पास मजदूरी मद में 484 करोड़ और सामग्री मद में 647 करोड़ रुपए बकाया हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार आंतरिक स्त्रोत से मजदूरी भुगतान करने की कोशिश कर रही है।

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी बताया कि जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से 6300 करोड़ रुपए और मनरेगा के तहत लगभग 1100 करोड़ रुपए का बकाया है। इसके अतिरिक्त, केंद्र से 16000 करोड़ रुपए अनुदान मद में मिलना है, जिसमें 11000 करोड़ अभी तक नहीं मिले हैं।

पर्वतपुर कोल ब्लॉक पर फैसला जल्द

विधायक उमाकांत रजक ने पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मामले को भी विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया की ओर से जेएसडब्ल्यू कंपनी को कोल ब्लॉक आवंटित किया गया था, लेकिन अभी तक वहां कोई काम शुरू नहीं हुआ है। इस पर मंत्री योगेंद्र प्रताप ने कहा कि भूमि के मामले में दिक्कतों की वजह से यह काम में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

शून्यकाल में प्रश्नों की संख्या बढ़ाने की मांग

विधानसभा के शून्यकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष ने प्रश्नों की संख्या बढ़ाने की मांग की। विधायक भूषण तिर्की ने इसे लेकर वकालत की। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि प्रश्नों की संख्या 25 तय की गई है, और इस संख्या में किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं है।

विधायकों ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे

इसके अलावा विधायक ममता देवी ने टीवीएनएल के विस्तारीकरण के लिए अतिरिक्त राशि आवंटित करने की मांग की। इन मुद्दों पर विधानसभा में जोरदार बहस हुई, और अधिकारियों को इन मामलों पर विचार करने का निर्देश दिया गया।

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