रांची : नवरात्र और रामनवमी हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण पर्व हैं, जिन्हें श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इन विशेष अवसरों पर झारखंड के अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी दिव्यानंद महाराज ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि नवरात्र और रामनवमी के दौरान मांस, मछली और शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाए।
स्वामी दिव्यानंद ने शनिवार को अपने बयान में कहा कि राज्य की कुल जनसंख्या लगभग तीन करोड़ 50 लाख है, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत हिंदू समुदाय से हैं। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि हिंदू समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए, नवरात्र के समय में मांस, मछली और शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।
स्वामी दिव्यानंद ने बताया कि नवरात्र और श्रीराम जन्मोत्सव के इन पावन अवसरों पर पूरे वातावरण में एक दिव्यता, भव्यता और पवित्रता का भाव होना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को एक सकारात्मक और शुद्ध वातावरण मिल सके।
समिति की मांस-मछली व्यवसायियों से अपील
अखिल भारतीय संत समिति ने मांस और मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों से भी अपील की है कि वे इस पावन समय में हिंदू समाज की भावनाओं का सम्मान करें और इस धार्मिक पर्व के दौरान सहयोग प्रदान करें। स्वामी दिव्यानंद ने कहा कि ऐसे समय में समाज के प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर धर्म, आस्था और एकता का संदेश देना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेगी और हिंदू समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए उचित कदम उठाएगी।

