Hazaribag (Jharkhand) : झारखंड में सीमा सुरक्षा बल (BSF) में नौकरी पाने के लिए किए जा रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में दो ऐसे अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है जो नकली नियुक्ति पत्र और अन्य फर्जी दस्तावेजों के साथ जॉइनिंग करने पहुंचे थे। हजारीबाग जिले के बीएसएफ मेरु कैंप में इस मामले का पर्दाफाश हुआ है, जहां दोनों युवकों को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया।
दलालों के जरिए तैयार किए गए थे जाली दस्तावेज
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए दोनों अभ्यर्थियों ने किसी दलाल के माध्यम से इन जाली दस्तावेजों को हासिल किया था। आशंका यह भी है कि इसके बदले में उन्होंने दलालों को मोटी रकम भी दी थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है और अब उन प्रज्ञा केंद्रों और बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है जिनका इस्तेमाल पैसे के लेन-देन में हुआ था।
गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान पौलूस सोरेन (पिता – नरेश सोरेन, ग्राम चौकी बलिया, थाना सागर दिघी) और रवि बेसरा (पिता – दीप्ति बेसरा, ग्राम गुदादंगा, थाना नभग्राम) के रूप में हुई है।
सर्टिफिकेट जांच में खुली पोल
पुलिस ने बताया कि बीएसएफ के अधिकारियों को सर्टिफिकेट की जांच के दौरान इन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों पर संदेह हुआ। जब दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की गई, तो यह स्पष्ट हो गया कि उनके जॉइनिंग लेटर के साथ-साथ अन्य सभी कागजात पूरी तरह से फर्जी हैं। इसके बाद बीएसएफ ने बिना किसी देरी के दोनों युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया। इस संबंध में मुफ्फसिल थाना में कांड संख्या 88/25 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बड़े रैकेट का अंदेशा, प्रज्ञा केंद्र और बैंक खाते की जांच
पुलिस को संदेह है कि यह एक संगठित रैकेट का हिस्सा हो सकता है, जिसमें दलालों का एक बड़ा नेटवर्क शामिल है। यह नेटवर्क भोले-भाले युवकों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर उनसे ठगी करता है और उन्हें फर्जी दस्तावेज मुहैया कराता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पैसों का लेनदेन एक प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से किया गया था, और इसके सबूत के तौर पर ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड भी पुलिस को मिला है। पुलिस अब उस बैंक खाते की भी जांच कर रही है जिसमें यह पैसा भेजा गया था, ताकि इस गोरखधंधे के पीछे छिपे असली चेहरों का पता लगाया जा सके। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और पुलिस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।

