अयोध्या : गंगा दशहरा के पावन अवसर पर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में राम दरबार सहित सातों मंदिरों के 21 देव विग्रहों में प्राण प्रतिष्ठा का शुभ अनुष्ठान संपन्न हो गया। गुरुवार को शुभ अभिजित मुहूर्त में पूर्वाह्न 11:30 से 12:00 बजे के बीच यह ऐतिहासिक अनुष्ठान विधिपूर्वक पूरा किया गया। रामलला के प्रथम तल पर विराजे राम दरबार सहित सातों मंदिरों में देवताओं की मूर्तियों में जीवनाधान किया गया।
प्रमुख अनुष्ठान संपन्न, जय श्रीराम से गूंजा मंदिर परिसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर परिसर में पहुंचकर मुख्य यजमान के रूप में पूजा-अर्चना की। प्राण प्रतिष्ठा के बाद पूरे परिसर में “जय श्रीराम” के जयघोष गूंज उठे। भगवान रामेश्वरम सहित अन्य देव विग्रहों में प्राण-प्रतिष्ठा के पश्चात विधिवत नेत्रोन्मीलन (आंखों का उद्घाटन) और मंगल आरती का आयोजन किया गया।
फूलों से सजा श्रीराम जन्मभूमि, तीन दिवसीय अनुष्ठान की पूर्णाहुति
राम मंदिर परिसर को फूल-मालाओं से सजाया गया। तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान की यह पूर्णाहुति थी, जिसमें देश भर से आए संत-महंतों और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। गुरुवार को हुए मुख्य आयोजन के साथ मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और भावनात्मक उत्साह का संगम देखा गया।
सीएम योगी का पूजन, संतों-अतिथियों का सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम दरबार में पूजा के साथ सातों मंदिरों में विधिपूर्वक पूजन किया। इस दौरान करीब 1,000 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया था। आयोजन स्थल पर तीन विशेष पंडालों की व्यवस्था की गई थी, जिसमें संत-महंत, ट्रस्टी, जनप्रतिनिधि, हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।
रामेश्वरम की स्थापना से नया अध्याय
राम मंदिर के गर्भगृह में पहले से विराजमान रामलला के अलावा अब रामेश्वरम और अन्य देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित कर दी गई हैं। इस आयोजन से अयोध्या धाम में धार्मिक-आध्यात्मिक परंपरा का नया अध्याय जुड़ गया है।

