RANCHI (JHARKHAND): झारखंड में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार को लेकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार पूरी तरह गंभीर हैं। यह जानकारी झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने दी। उन्होंने बताया कि एक प्रतिनिधिमंडल के साथ उन्होंने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। जहां शैक्षणिक सुधार से संबंधित कई सुझावों पर विस्तार से चर्चा हुई और राज्यपाल ने जरूरी सुधारों के प्रति आश्वासन दिया। बंधु तिर्की ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को लिखित सुझाव दिया कि झारखंड के विश्वविद्यालयों में कुलपति के रूप में उन शिक्षाविदों की नियुक्ति हो, जो राज्य की जनजातीय विविधता, सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना और प्राकृतिक परिवेश से भली भांति परिचित हों। इससे शैक्षणिक दृष्टिकोण से राज्य को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। इस दौरान बंधु तिर्की ने राज्यपाल को मियाजाकी आम का पौधा भेंट किया।
महाविद्यालयों में इंटरमीडिएट नामांकन पर पुनर्विचार की मांग
उन्होंने राज्यपाल से यह भी अनुरोध किया कि अंगीभूत महाविद्यालयों में इंटरमीडिएट नामांकन बंद करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। उहोंने सुझाव दिया कि इसे तीन वर्षों की क्रमिक योजना के तहत लागू किया जाए, जिससे प्लस टू विद्यालयों की आधारभूत संरचना को सशक्त किया जा सके और योग्य शिक्षक व कर्मचारी नियुक्त किए जा सकें। राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी बंधु तिर्की ने राज्यपाल का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि योग्य फैकल्टी, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए विशेष कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
ऑफलाइन नामांकन विकल्प को शुरू करने की अपील
इसके साथ ही उन्होंने पोर्टल आधारित नामांकन प्रक्रिया में सुधार की बात करते हुए ऑफलाइन नामांकन विकल्प को फिर से शुरू करने का आग्रह किया। जिससे दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को भी लाभ मिल सके। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महापौर रमा खलखो, रमेश महली, प्रो. जगदीश लोहरा, शिव उरांव, मंगा उरांव, कर्मा उरांव, शांतनु मिश्रा, आतिफ सिद्दीकी और जमील मलिक शामिल थे।

