नई दिल्ली : सेंट्रल दिल्ली के साइबर थाना ने एक बड़े नकली डिग्री रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान भिवानी, हरियाणा निवासी कपिल झाकर (32) और दामिनी शर्मा (33) के रूप में हुई है। इनके कब्जे से सैकड़ों नकली डिग्रियां, चार मोबाइल फोन और सात सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इस रैकेट ने गुरुग्राम में एक व्यक्ति को ग्रेजुएशन डिग्री दोबारा जारी करने के बहाने 1,55,874 रुपये की ठगी की थी।
डीसीपी निधिन वाल्सन ने बताया कि शिकायतकर्ता पिछले 6-7 साल से गुरुग्राम की एक आईटी फर्म में अनुबंध पर काम कर रहा था। स्थायी नौकरी के लिए विचार किए जाने पर पता चला कि उसके पास ग्रेजुएशन की डिग्री नहीं, केवल मार्कशीट है। विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त करने में असफल होने पर उसने अपने मैनेजर से बात की, जिसने कपिल झाकर से संपर्क करने की सलाह दी। कपिल ने डिग्री दोबारा जारी करने के लिए पहले 25,000-30,000 रुपए मांगे, लेकिन बाद में विभिन्न बहानों से शिकायतकर्ता से कई बार ट्रांसफर करवाकर कुल 1,55,874 रुपए ठग लिए। उसने मानव भारती विश्वविद्यालय की एक हस्ताक्षर रहित डिग्री भेजी, जिसे फर्म ने अस्वीकार कर दिया। 20 मार्च को कपिल ने शिकायतकर्ता को ब्लॉक कर दिया। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी।
पुलिस जांच में पता चला कि कपिल ने अपना मोबाइल फोन बदल लिया था और ठिकाना बदलकर भिवानी के बोहल गांव में छिपा था। तकनीकी निगरानी के जरिए उसे गिरफ्तार किया गया और उसका मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। पूछताछ में कपिल ने नकली डिग्रियों के स्रोत का खुलासा किया, जिसके आधार पर दूसरी आरोपी दामिनी शर्मा को कड़कडूमा से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद हुए। इन मोबाइल फोनों से विभिन्न विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और बोर्डों की सैकड़ों नकली डिग्रियां मिलीं।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके और ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो।
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