Sahibganj : झारखंड विधानसभा की प्रत्यायुक्त विधान समिति ने जिले में केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए दो दिवसीय दौरा किया। बुधवार शाम समिति पहुंची और नए सर्किट हाउस में विश्राम किया। गुरुवार को सर्किट हाउस सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे की बैठक हुई।
बैठक के बाद समिति के सभापति विधायक सरयू राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिले के पदाधिकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में पूरी तरह असफल साबित हो रहे हैं। सभी विभागों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कोई भी योजना पूरी नहीं हुई, हमेशा कहा जाता है कि अंतिम चरण में है, लेकिन कब पूरा होगा, पता नहीं।
पेयजल और सड़कों की बदहाली पर सवाल
सरयू राय ने कहा कि गंगा नदी बगल में बह रही है, फिर भी लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा। 2009 से चल रही शहरी पेयजल योजना आज तक अधर में है। ग्रामीण क्षेत्रों की हालत और खराब है। नगर परिषद, नगर पंचायत और पीएचईडी अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हैं। सड़क मार्ग से आते समय देखा कि साहिबगंज की सड़कें बदतर हाल में हैं- गड्ढों में सड़क या सड़क में गड्ढे, पता नहीं चलता।
शिक्षा, पेंशन और पर्यावरण पर चिंता
समिति अध्यक्ष ने बताया कि लोगों को योजनाओं का लाभ नियमित नहीं मिल रहा। मनरेगा में नए लोगों को जोड़ा जाए। पेंशन योजनाओं का लाभ सही नहीं पहुंच रहा। शिक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है- शिक्षकों की कमी से छात्र खुद स्कूल संभाल रहे हैं। छात्रवृत्ति नहीं मिलने से हंगामा हो रहा, इसकी शिकायत विधानसभा में की जाएगी।वन अधिकार कानून को मजबूत करने की जरूरत है।
राजमहल की पहाड़ियों पर पेड़ कटाई और अवैध गतिविधियां जारी हैं। अगर नहीं रोका गया तो पर्यावरण संकट आएगा। राजमहल पहाड़ी को धरोहर के रूप में संरक्षित करना चाहिए।समिति की यह समीक्षा जिले में विकास कार्यों की सुस्ती को उजागर करती है। अधिकारियों को जल्द सुधार की उम्मीद है।

