VIVEK SHARMA
RANCHI: रेलवे की सख्ती से टिकटों की कालाबाजारी भले ही कम हुई है। लेकिन दलाल इसका तोड़ निकाल ही लेते हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पर्सनल यूजर आईडी का इस्तेमाल कर दलालों ने लाखों रुपए का टिकट बुक कर पैसेंजर्स को बेच दिया। इसका खुलासा आरपीएफ की कार्रवाई के बाद हुआ। जिसमें पकड़े गए दलालों ने टिकट बुकिंग के खेल की पूरी कहानी बयां की। इस दौरान कई और चौंकाने वाली बातें भी सामने आई है।
एक साल में 13 दलाल धराएं
अवैध टिकट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आरपीएफ और सीआईबी रांची की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साल में 13 मामलों में 13 टिकट दलालों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान उनके पास से 2,06,540.25 रुपये मूल्य के रेलवे टिकट बरामद किए गए हैं। जिसे ये लोग भारी कीमत पर पैसेंजर को बेचने की तैयारी में थे। लेकिन उससे पहले ही आरपीएफ की कार्रवाई हो गई। हालांकि दलालों के पास मिले रिकॉर्ड से खुलासा हुआ कि पहले से टिकट बुक कर उन्होंने पैसेंजर्स को ज्यादा पैसे लेकर टिकट दिया था।
अलग आईकार्ड से टिकट बुकिंग
कार्रवाई के दौरान जांच में आरपीएफ की टीम को जानकारी मिली कि पर्सनल यूजर आईडी का इस्तेमाल कर टिकट दलाल ट्रेनों की टिकट बुक करते थे। जिसमें अलग-अलग आईडी कार्ड से टिकट बुक रख लेते थे। इसके बाद पैसेंजर्स को मनमाने दाम पर टिकट उपलब्ध कराते थे। ट्रेनों में भीड़ अधिक होने के कारण केवल टिकट चेक किया जाता है। अगर पैसेंजर की आईडी भी चेक की जाए तो इस नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। कार्रवाई में 14 पर्सनल यूजर आईडी और 2 एजेंट आईडी का भी पता लगाया गया है, जिनका उपयोग अवैध रूप से टिकट बनाने में किया जा रहा था।
दलालों के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान
आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार ने बताया कि रांची मंडल में टिकट दलालों के विरुद्ध लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें सूचना मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। कई दलाल हमारी टीम की गिरफ्त में आए हैं। नेटवर्क का भी पता लगाने की हम कोशिश कर रहे हैं। हाल में कार्रवाई के दौरान 2 दलाल पकड़े गए हैं। उनके पास भी टिकट बरामद किया गया है। पहले टिकट बुकिंग का भी रिकॉर्ड मिला है। जिससे साफ है कि ये लोग लंबे समय से टिकट का अवैध कारोबार करते रहे है।
केस 1
इसी क्रम मे 9 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर आरपीएफ पोस्ट रांची और सीआईबी रांची की संयुक्त टीम ने थाना लोअर बाजार पुलिस की सहायता से पुरुलिया रोड स्थित पत्थलकुदवा क्षेत्र में नेट वर्ल्ड नामक दुकान पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दुकान में ऑनलाइन कार्य कर रहे एक व्यक्ति से पूछताछ की गई, जिसने अपना नाम विनोद टुडू (28 वर्ष) थाना पतरातू जिला रामगढ़ बताया। जांच के दौरान वह आईआरसीटीसी का कोई अधिकृत एजेंट आईडी प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपने व्यक्तिगत यूजर आईडी के माध्यम से रेलवे ई-टिकट जेनरेट कर जरूरतमंद यात्रियों को निर्धारित किराए से अधिक राशि लेकर बेचता था। उसके कंप्यूटर सिस्टम से 11 पुराने और उपयोग किए गए रेलवे ई-टिकट बरामद किए गए, जिनका कुल मूल्य 29,553 रुपये आंका गया। मौके से 11 पुराने रेलवे ई-टिकट, एक सैमसंग मोबाइल फोन, एक एसर मॉनिटर और जेब्रॉनिक्स कंपनी का असेंबल्ड सीपीयू जब्त किया गया।
केस 2
ऑपरेशन उपलब्ध के तहत आरपीएफ रांची ने एक अन्य टिकट दलाल को भी गिरफ्तार किया। एसआई सोहन लाल के नेतृत्व में आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने पीआरएस बुकिंग काउंटर रांची पर छापेमारी की। रेलवे कार पार्किंग गेट के पास संदिग्ध अवस्था में पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम मनोज कुमार महतो (36 वर्ष) चंदनकियारी बोकारो बताया। उसके पास से ट्रेन संख्या 20839 (रांची नई दिल्ली) की दो यात्रियों की तत्काल काउंटर टिकट बरामद की गईं। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि टिकट उपलब्ध कराने के बदले उसने अतिरिक्त राशि ली थी।

