Kodarma : नाबालिग को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह स्पेशल पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश गुलाम हैदर की अदालत ने स्पेशल पोक्सो केस संख्या 28/24 में आरोपी करण कुमार उर्फ करण कुमार साव (26 वर्ष), निवासी भोंडो, चंदवारा को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे पोक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत 20 साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा धारा 6 पोक्सो एक्ट के तहत भी 20 साल सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है।
घटना वर्ष 2024 की है। पीड़िता के पिता ने कोडरमा थाना में केस दर्ज कराते हुए बताया था कि आरोपी, जो रिश्तेदारी में साला लगता है, ने नाबालिग को अकेला पाकर दुष्कर्म किया और उसका वीडियो बना लिया। बाद में वीडियो वायरल करने और परिवार को जान से मारने की धमकी देकर करीब एक साल तक लगातार शोषण करता रहा। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया गया।
मामले में लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की और गवाहों का परीक्षण कराया, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने दलीलें पेश कीं। सभी साक्ष्यों और गवाहों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई।

