Jamshedpur : बिष्टुपुर के सर्किट हाउस एरिया के रहने वाले उद्यमी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी के बाद अब पुलिस अपहरणकर्ताओं पर फोकस कर रही है। अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसएसपी पीयूष पांडे ने बताया कि यह छापामारी ओडिशा, बंगाल, बिहार में चल रही है। उन्होंने यह बताने से इंकार किया कि गैंग ने कैरव गांधी का अपहरण किया था। एसएसपी ने बताया कि कैरव गांधी से पूछताछ की गई है और उन्होंने जो भी इनपुट दिया है। उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अपहरणकर्ताओं का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस की स्टीकर लगी गाड़ी से किया गया था अपहरण एसएसपी
पीयूष पांडे ने बताया कि 13 जनवरी को कैरव गांधी का कदमा-सोनारी लिंक रोड से अपहरण किया गया था। कैरव गांधी की कार को पुलिस का स्टीकर लगी एक गाड़ी ने रोका था। एसएसपी ने बताया कि एक गाड़ी पहुंची थी और कैरव गांधी की कार को रोककर उनसे कहा गया की कुछ मामला हो गया है। इसलिए आपको अपनी कार छोड़कर इस वाहन में बैठना होगा। कैरव गांधी ने सोचा कि जिस वाहन में उन्हें बैठाया जा रहा है वह पुलिस का है। लेकिन, वह वाहन पुलिस का नहीं अपहरणकर्ताओं का था। अपहरणकर्ता उन्हें लेकर अपने साथ चले गए थे। एक अपहरणकर्ता उनकी कार चला कर ले गया था, जिसे कांदरबेड़ा के पास छोड़ दिया गया था। बाद में उसे पुलिस ने बरामद किया था। कैरव की कार के पास ही कैरव गांधी का मोबाइल भी बरामद कर लिया गया था।
कितनी फिरौती मांगी थी, पुलिस को पता नहीं
एसएसपी ने बताया कि परिजनों से अपहरणकर्ताओं ने कुछ फिरौती मांगी थी। एसएसपी ने कहा कि कितनी फिरौती मांगी थी, उन्हें कोई जानकारी नहीं है। परिजनों की तरफ से किसी तरह की कोई जानकारी पुलिस को नहीं दी गई। जांच में यह पता चला है कि परिजनों ने कोई फिरौती नहीं दी है। क्योंकि, काफी देर हो गई थी और परिजन फिरौती नहीं दे रहे थे। पुलिस भी छापामारी कर रही थी। इसलिए अपहरणकर्ताओं पर दबाव था।
परिजनों के रिक्वेस्ट पर कैरव गांधी को ले जाया गया था उनके आवास
उन्होंने बताया कि सोमवार को सूचना मिली थी कि कैरव गांधी को अपहरणकर्ता कहीं और शिफ्ट कर सकते हैं। इस पर, पुलिस की कई टीमें लग गई थीं और जब अपहरणकर्ताओं को लेकर निकले तो उन्हें भी लगा कि पुलिस बराबर उनका पीछा कर रही है। उन पर दबाव बना और अपहरणकर्ताओं ने कैरवगांधी को हजारीबाग के पास चौपारण से बरही खंड के बीच जीटी रोड पर कैरव को छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने कैरव गांधी को सकुशल बरामद किया। एसएसपी ने बताया कि जब कैरव गांधी के सकुशल बरामद होने की सूचना उनके पिता देवांग गांधी को दी गई तो उन्होंने कहा कि 13 दिन से कैरव गांधी पीड़ा सह रहे हैं। इसलिए उन्हें किसी पुलिस थाने में ना ले जाया जाए और सीधे उनके आवास पर लाया जाए। इसी वजह से उन्हें सीधे उनके आवास पर भेजा गया।

