चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में पिछले डेढ़ माह से क्षेत्र में झुंड से भटका एक पागल दंतैल हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाथी लगातार क्षेत्र में उत्पात मचा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है। झारखंड-ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्र के दर्जनों गांवों में यह हाथी समय-समय पर विचरण कर रहा है और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। मंगलवार देर रात रात करीब 12 बजे हाथी ने एक बार फिर उत्पात मचाते हुए आधा दर्जन गांवों में आतंक फैलाया और रात दो बजे तक क्षेत्र में घूमता रहा।
आधी रात गांव में घुसा हाथी
जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के तेंटूडी पोसी निवासी ग्रामीण डाकवा वीरेंद्र बालमुचू ने बताया कि हाथी ने रात करीब 12 बजे बूढ़ा खमण जंगल की ओर से निकलकर डौडगुवा, चिगली, बाइहातू, कूदाहातु, सोसोपी, तेंटूडी पोसी, जोड़ापोखर तथा कुंटुझोर गांवों में विचरण किया।
ग्रामीणों ने पारंपरिक हथियार, मशाल और शोरगुल कर भगाया
हाथी की सूचना मिलते हैं आसपास गांव के लोग सतर्क हो गए। ग्रामीणों द्वारा जूटता का परिचय देते हुए पारंपरिक हथियार, मशाल और शोरगुल कर खदेड़े जाने के बाद हाथी महिलीमुरूम जंगल की ओर चला गया।
ग्रामीण वन विभाग से हाथी पकड़ने की लगा रहे गुहार
बता दें कि रोजाना शाम ढलते ही यह हाथी शहरी और ग्रामीण आबादी क्षेत्र में घुस जाता हैं। जहां सब्जी बागानों को रोंदने के साथ घरों में घुस कर धान, चावल आदि खा जाता है। इसको लेकर ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ काफी आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। ग्रामीण लगातार वन विभाग से हाथी को पकड़ने की गुहार लगा रहे हैं।
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