Ranchi : भारत अब डिजिटल गुलामी से बाहर निकलने के लिए तैयार है। अब देश का डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। झारखंड की राजधानी रांची में इसके लिए एक स्वदेशी सुपर ऐप जेक्टर तैयार किया गया है।
जेक्टर ऐप की लांचिंग ने साफ कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो रांची की गलियों से उठकर भी अमेरिका की अरबों डॉलर वाली कंपनियों का मुकाबला किया जा सकता है।
औरंगाबाद के युवक ने तैयार किया है ऐप
यह ऐप तैयार किया है औरंगाबाद बिहार के के युवक सुनील कुमार सिंह ने। सुनील कुमार ने जेक्टर ऐप तैयार करने के लिए इसरो का फार्मूला अपनाया है और यह ऐप विदेशी ऐप्स से 8 गुना कम खर्च पर संचालित होता है। इसमें सभी डाटा सुरक्षित रहेंगे। आज के दौर में लोगों की चिंता डाटा चोरी की है। डीप फेक वीडियो भी लोगों को परेशान करते हैं। लेकिन प्राइवेसी के मामले में यह ऐप मील का पत्थर साबित हो रहा है।
विकसित किया गया है नो यूआरएल ब्रह्मास्त्र
यह पहला ऐसा ऐप है जिसमें नो यूआरएल ब्रह्मास्त्र विकसित किया गया है। इस तकनीक के जरिए किसी भी फोटो या वीडियो का सार्वजनिक लिंक नहीं होगा। लिंक नहीं होने की वजह से इसे अवैध रूप से कोई डाउनलोड नहीं कर सकेगा। ना ही एआई के जरिए इसका गलत इस्तेमाल हो पाएगा।
श्रीलंका व बांग्लादेश में छाया जेक्टर
इससे महिलाओं को काफी सुरक्षा मिलती है। यह भारत ही नहीं पड़ोसी देश श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश तक पहुंच गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही यह दुनिया के अन्य देशों में पहुंच जाएगा। जेक्टर का लक्ष्य आने वाले समय में दक्षिण एशिया के सबसे भरोसेमंद प्लेटफार्म तक पहुंचना है। रांची की धरती पर तैयार यह तकनीक अब ग्लोबल मार्केट में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए तैयार है।
सुनील सिंह के पास फिनलैंड में दो दशक का है अनुभव
ऐप तैयार करने वाले सुनील सिंह के पास फिनलैंड में एक बड़ी कंपनी में काम करने का दो दशक का अनुभव है। सुनील सिंह फिनलैंड में टेक सेक्टर में काम करते थे और वहां की सुख सुविधाओं को छोड़कर अपने देश की माटी की तरफ रुख किया और यहां प्रतिभावान इंजीनियरों की टीम तैयार की। दिन-रात एक करके यह ऐसा ऐप तैयार किया है जो ग्लोबल कंपनियों को धूल चटा रहा है। झारखंड का टैलेंट दुनिया भर में उजागर हो रहा है। सुनील ने क्रिएटर को उनकी मेहनत की कमाई का सीधा 70% हिस्सा देने का ऐलान किया है, जो डिजिटल इकोनामी में अब तक की सबसे बड़ी हिस्सेदारी होगी।
जीरो नॉलेज सिस्टम पर बना है ऐप
यह ऐप इतना बढ़िया है कि इसे जीरो नॉलेज सिस्टम पर बनाया गया है। यानी इसका यूजर का डाटा काफी गुप्त रहेगा। इसका मलिक, एडमिन और कोई भी इंजीनियर किसी निजी बातचीत या पर्सनल डाटा को नहीं पढ़ सकेगा। विदेशी कंपनियां हमारे डाटा को बेचकर मुनाफा कमाती हैं। यह ऐप हमारी संप्रभुता की एक नई इबारत लिख रहा है। यह भारत का सर्वर होगा और देश का डाटा चोरी होने का डर खत्म हो गया है।

