Home » JHARKHAND NEWS: नियमों का पालन नहीं करने वाले नर्सिंग कॉलेजों पर लगेगा जुर्माना, एसीएस बोले…

JHARKHAND NEWS: नियमों का पालन नहीं करने वाले नर्सिंग कॉलेजों पर लगेगा जुर्माना, एसीएस बोले…

61 नर्सिंग कॉलेजों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के आवेदनों पर चर्चा

by Vivek Sharma
RANCHI: झारखंड में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता को लेकर सरकार सख्त। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर भारी जुर्माना और एडमिशन रोकने की चेतावनी।
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

RANCHI: स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में सोमवार को नर्सिंग संस्थानों को मान्यता देने से संबंधित निष्पादन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अजय कुमार सिंह ने की। इस दौरान डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, संयुक्त सचिव सीमा कुमारी उदयपुरी, उपसचिव ध्रुव प्रसाद सहित विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान राज्य के 61 नर्सिंग कॉलेजों द्वारा नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के लिए दिए गए आवेदनों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि इन आवेदनों पर सरकार के अंतिम निर्णय के अनुमोदन के बाद पात्र संस्थानों को एनओसी प्रदान किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव ने काउंसिल की बैठक 15 दिनों के भीतर आयोजित करने का निर्देश भी दिया।

होल्डिंग टैक्स की भी होगी जांच

बैठक के दौरान कॉलेजों की जमीन, भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। एसीएस ने अधिकारियों से पूछा कि संबंधित कॉलेज अपनी जमीन पर संचालित हैं या लीज पर। उनके पास कितनी जमीन उपलब्ध है, कितने कमरे हैं। संस्थान नया है या पहले से संचालित हो रहा है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कॉलेजों के लिए जमीन की रसीद और शहरी क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स की स्थिति की जांच करने का भी निर्देश दिया।

लीज वालों को दिया गया था समय

लीज या किराये के भवन में चल रहे कॉलेजों को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि किसी कॉलेज को पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है तो उसे अब तक अपना भवन निर्माण पूरा कर लेना चाहिए था। ऐसे मामलों में लीज या किराये की व्यवस्था के रिन्युअल की स्थिति की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि जो कॉलेज निर्धारित मानकों का पालन नहीं करेंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई कॉलेज लगातार तीन वर्षों से एडमिशन ले रहा है लेकिन नियमों का पालन नहीं कर रहा है, तो ऐसे संस्थानों के निलंबन पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल ऐसे कॉलेजों को शो-कॉज नोटिस जारी करने और एडमिशन रोकने का निर्देश दिया गया है।

एनओसी से पहले निरीक्षण

निरीक्षण प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए अजय कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी कॉलेज को एनओसी देने से पहले अनिवार्य रूप से निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान चार अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। जिनमें संबंधित जिले के सिविल सर्जन, रजिस्ट्रार, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और एडिशनल कलेक्टर शामिल होंगे। साथ ही निरीक्षण की सभी तस्वीरें ऑनलाइन अपलोड की जाएंगी। इसके अलावा नर्सिंग स्टूडेंट्स के बेहतर प्रशिक्षण के लिए कॉलेजों को सरकारी या निजी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से जोड़ने का निर्देश दिया गया है। साथ ही मॉडल के रूप में कम से कम पांच सीएचसी में तत्काल नर्सिंग की कक्षाएं शुरू करने की भी योजना बनाई गई है।

आनलाइन होगी एनओसी की प्रक्रिया

अब एनओसी से संबंधित पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। सभी कॉलेजों में फैकल्टी का एचआर ऑनलाइन प्रदर्शित करने, बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कॉलेज फिलहाल एनओसी के लिए योग्य नहीं पाए गए हैं, वे अपनी कमियां दूर कर विभाग को सूचित करें। इसके बाद में उन पर पुनः विचार किया जाएगा।

READ ALSO: RANCHI HEALTH NEWS: सदर अस्पताल में 16 बेड का PICU तैयार, अब 1 से 15 साल तक के बच्चों का होगा इलाज

Related Articles

Leave a Comment