रांची: निरसा विधायक अरूप चटर्जी के नेतृत्व में झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य सरकार से अपनी लंबित मांगों को लेकर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पहले ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से वार्ता की, जिसमें मंत्री ने 31 मार्च तक मनरेगा कर्मियों के सभी बकाया मानदेय के भुगतान, 30 प्रतिशत मानदेय वृद्धि तथा सामाजिक सुरक्षा देने का आश्वासन दिया।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने हेमंत सोरेन से उनके कार्यालय में मुलाकात कर सेवा स्थायीकरण, ग्रेड पे और अन्य मांगों को विस्तार से रखा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अप्रैल माह में मनरेगा कर्मियों, विभागीय मंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर निर्णय लिया जाएगा।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त कर नई योजना लागू किए जाने की चर्चाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था का असर राज्य के गरीब परिवारों और कर्मियों पर पड़ेगा, इसलिए राज्य सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी।
जारी रहेगा हड़ताल
उधर संघ के अध्यक्ष अनिरुद्ध पांडे ने साफ किया है कि जब तक सरकार के साथ लिखित समझौता नहीं होता और सेवा स्थायीकरण तथा ग्रेड पे पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। यह निर्णय गूगल मीट के माध्यम से 24 जिलों के जिला अध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों की उपस्थिति में लिया गया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध पांडेय ने कहा कि अगली बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

