Chaibasa : झारखंड स्टेट लाइवलीहुड सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के अंतर्गत कार्यरत कर्मियों को 11 महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोमवार को जेएसएलपीएस कार्यालय चक्रधरपुर अंतर्गत कार्यरत महिला कर्मियों ने गोपीनाथपुर की मुखिया सेलाई मुंडा के नेतृत्व में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी निर्मल लकड़ा को ज्ञापन सौंपा। कर्मियों ने स्पष्ट रुप से कहा कि जब तक उनका बकाया मानदेय भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक वे कार्य नहीं करेंगी। इसके साथ ही पोड़ाहाट अनुमंडल पदाधिकारी को भी मांग पत्र सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की गई।
महिला कर्मियों का कहना है कि मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके परिवारों पर गंभीर आर्थिक संकट आ गया है। बच्चों की पढ़ाई, खान-पान और रोजमर्रा की जरुरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। वहीं फील्ड कार्य के लिए आने-जाने में पेट्रोल खर्च उठाना भी उनके लिए कठिन हो गया है।
क्लस्टरों में तैनात हैं 400 महिला कैडर
बताया गया कि चक्रधरपुर प्रखंड के छह क्लस्टरों में करीब 400 महिला कैडर कार्यरत हैं, जो बैंक सखी, सेतू दीदी, बागवानी सखी, एकेएम और एपीएस जैसे विभिन्न पदों पर काम कर रही हैं। मई 2025 से मार्च 2026 तक मानदेय का भुगतान नहीं होने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनका भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक सभी कार्य पूरी तरह से स्थगित रहेंगे। इस दौरान फुमी बोदरा, सीमा पुरती, पैया हेंब्रम, अंजना नायक, गीता प्रधान, शकुंतला महतो, लक्ष्मी बोदरा, सेफाली महतो, चंचला देवी और गीता गागराई समेत बड़ी संख्या में महिला कर्मी मौजूद थीं।
तकनीकी कारणों से अटका भुगतान
इस संबंध में जेएसएलपीएस के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन निर्मल लकड़ा ने बताया कि फरवरी 2026 तक की रिपोर्ट जिला को भेज दी गई थी। जिला स्तर से इसे ट्रेजरी को भेजा गया, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण भुगतान फंस गया। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल चक्रधरपुर या जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में इस के कारण से भुगतान प्रभावित हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा और कर्मियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।

