Chaibasa : कोल्हान विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा गुरुवार को विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीजी विभागों की अवसंरचनात्मक स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई तथा विकल्प- आधारित क्रेडिट प्रणाली
Choice Based Credit System (CBCS) पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक अतिरिक्त संसाधनों का आकलन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर डॉ. अंजिला गुप्ता ने की। इस अवसर पर आईक्यूएसी निदेशक डॉ. रणजीत कर्ण, सहायक निदेशक डॉ. नितीश कुमार महतो, अन्य आईक्यूएसी सदस्यगण, विभिन्न पीजी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वे शिक्षक सदस्य उपस्थित थे, जिनके पाठ्यक्रमों में प्रायोगिक एवं प्रयोगात्मक घटक शामिल हैं।
आईक्यूएसी के सहायक निदेशक ने स्वागत उद्बोधन में वर्तमान शैक्षणिक एवं अवसंरचनात्मक संसाधनों के समग्र मूल्यांकन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विकल्प-आधारित क्रेडिट प्रणाली सीबीसीएस आधारित शिक्षण एवं प्रायोगिक कार्यों के सुचारू संचालन में संभावित अंतरालों की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी संबंधित पीजी विभाग निर्धारित प्रारूप में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे। इस जानकारी में संचालित पाठ्यक्रम, उपलब्ध एवं अपेक्षित सुविधाएं, मानव संसाधन, सेमेस्टर वार प्रयोगशाला कार्य, छात्र-कंप्यूटर अनुपात तथा अन्य आवश्यक संसाधनों का विवरण शामिल होगा।
सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि वे समयबद्ध एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि विश्वविद्यालय स्तर पर कमियों का समुचित विश्लेषण कर आवश्यक शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण उपायों की योजना बनाई जा सके। प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा यह एक अत्यंत सराहनीय पहल की गई है। बैठक में विभागवार आंकड़ों के संकलन तथा उनके आधार पर आगे की समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक का समापन अध्यक्ष के मार्गदर्शन में किया गया तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन भौतिक शास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सोमनाथ ने किया।
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