चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम के सारंडा जंगल से नक्सलियों के सफाए में जुटे सुरक्षा बल को एक और बड़ी सफलता मिलने की खबर है। सारंडा स्थित छोटानागरा थाना क्षेत्र बुधवार सुबह अचानक गोलियों की आवाज से गूंज उठा। करीब आठ बजे सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच आमना-सामना हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो से तीन नक्सलियों के मारे जाने की खबर है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ आमना-सामना
बताया जा रहा है कि सुरक्षाबल पहले से ही इलाके में नक्सल गतिविधियों की सूचना पर सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान जंगल के भीतर छिपे नक्सलियों के एक दस्ते से उनका सामना हो गया। सुरक्षाबलों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ से जुड़ी सूचनाएं जुटाई जा रही हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
आसपास के गांवों में दहशत, चलाया जा रहा तलाशी अभियान
फिलहाल पूरे इलाके को घेरकर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग भयभीत हैं, वहीं प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, सारंडा में अब नक्सलियों की संख्या काफी कम हो चुकी है और वे सीमित दायरे में सिमट गए हैं।
50 से भी कम बचे हैं नक्सली
बताया जाता है कि कुख्यात नक्सली नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में अब 50 से भी कम नक्सली सक्रिय बचे हैं, जिनके खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि अमित शाह ने देशभर से नक्सलवाद के खात्मे के लिए समयसीमा तय की थी। इसके बाद झारखंड के इस सबसे संवेदनशील इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ाई गई है और लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। फिलहाल सारंडा के जंगलों में हाई अलर्ट है और नक्सलियों की तलाश तेज कर दी गई है।

