RANCHI: भाजपा पर महिला आरक्षण विधेयक के संशोधन प्रयास को लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि 2023 में संसद में विपक्ष की सहमति से पारित महिला आरक्षण विधेयक को लागू न करने के कारण भाजपा नेताओं को मानसिक आघात पहुंचा है। भाजपा इसे अपने परिसीमन एजेंडे के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल करना चाहती थी, लेकिन विपक्ष की एकजुटता ने इस प्रयास को विफल कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर विधेयक को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर 2029 तक टाल रही है। यदि सरकार सच में चाहती तो वर्तमान लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर लगभग 180 महिला सांसदों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार और महिला सशक्तिकरण के दावों में अंतर स्पष्ट हो गया है। भाजपा का यह प्रयास केवल महिलाओं के अधिकारों को कमजोर करने और आगामी चुनावों में राजनीतिक लाभ उठाने के लिए था।
सोनाल शांति ने चुनौती दी कि यदि भाजपा की नीयत साफ है तो वह 2023 में पारित कानून के अनुसार तुरंत आरक्षण लागू करे। उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन के माध्यम से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक असमानता पैदा करने का प्रयास भाजपा कर रही है, जिसे कांग्रेस ने उजागर किया है। उन्होंने चेताया कि महिलाओं का भाजपा से दूर जाना आगामी चुनावों में स्पष्ट हो सकता है। भाजपा की चोर रास्ता रणनीति उसके महिला सशक्तिकरण के दावों की झूठी परत खोल रही है।
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