रांची : ट्रेजरी से वेतन मद में फर्जी निकासी के मामले की जांच कर रही अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में अपनी दूसरी बैठक की। बैठक में वित्त विभाग से सोमवार को मांगे गए सभी दस्तावेज समिति को सौंप दिए गए, जिनका गहन अध्ययन किया जा रहा है। घंटों चली बैठक में समिति ने ट्रेजरी से जुड़ी सभी अहम फाइलों को अपने पास रखते हुए जांच आगे बढ़ाई।
लेखा नियंत्रक निदेशालय से भी मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
दस्तावेजों की प्रारंभिक समीक्षा के बाद समिति ने तीन अलग-अलग स्तरों पर अतिरिक्त कागजात और सूचनाओं की मांग की है। वित्त विभाग, महालेखाकार कार्यालय और लेखा नियंत्रक निदेशालय से भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। समिति ने फिलहाल बोकारो और हजारीबाग जिलों से जांच की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इन दोनों जिलों में ट्रेजरी से वेतन मद में करोड़ों रुपये की संदिग्ध निकासी के प्रारंभिक मामले सामने आए थे, जिसके बाद यह उच्च स्तरीय जांच शुरू की गई।
समिति गुरुवार को बोकारो जिले के डीसी, एसपी, कोषागार पदाधिकारी (टीओ) समेत अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेगी। इस दौरान पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली जाएगी। इसके बाद 24 अप्रैल को हजारीबाग जिले के डीसी, एसपी और ट्रेजरी अधिकारियों के साथ भी इसी तरह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जाएगी। इन बैठकों में जिले के अन्य संबंधित पदाधिकारियों को भी शामिल रहने का निर्देश दिया गया है।
जांच का दायरा बढ़ाने के संकेत
समिति ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच दो जिलों से शुरू की जा रही है, लेकिन जैसे-जैसे गड़बड़ियों का खुलासा होगा, अन्य जिलों में भी जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। समिति की सख्ती के बाद घोटाले में शामिल संभावित अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप मच गया है। वित्त विभाग और ऑडिट निदेशालय में भी पुरानी फाइलों को खंगाला जा रहा है।
प्रोजेक्ट भवन में अधिकारी देर शाम तक समिति द्वारा मांगी गई सूचनाओं को जुटाने में लगे रहे। बता दें कि बोकारो में 3.15 करोड़ और हजारीबाग पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 15.41 करोड़ से अधिक की राशि अवैध तरीके से वेतन मद से किए जाने का मामला महालेखाकार और वित्त विभाग की जां च में सामने आया है।

