RANCHI : राजधानी रांची में अपराधियों का हौसला बुलंद है। दिन-दहाड़े वारदात को अंजाम दिया रहा है। मंगलवार की सुबह राजधानी के पंडरा थाना क्षेत्र स्थित रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आवास के पास वाली गली में अज्ञात अपराधियों ने जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद में घटना को अंजाम दिया गया। घटना तब हुई, जब बैंक कॉलोनी निवासी भार्गव सिंह बजरंगबली मंदिर पूजा करने पहुंचा था। इसी दौरान पहले से घात लगाए अपराधियों ने उस पर हमला कर दिया। तीन बदमाश मौके पर पहुंचे और अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोली चलते ही इलाके में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी कुछ ही सेकेंड में फरार हो गए। इस वारदात में भार्गव सिंह बुरी तरह से जख्मी हो गया। अपने घर के पास गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद रक्षा राज्य मंत्री खुद मौके पर पहुंचे। घायल युवक को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अस्पताल पहुंचाया। इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड विजय टेटे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है।
हर मंगलवार पूजा करने जाता था भार्गव
स्थानीय लोगों ने बताया कि भार्गव हनुमान मंदिर से पूजा करने के बाद अपना प्रसाद लेकर वापस मुड़ ही रहा था कि तभी नकाबपोश एक अपराधी ने उसे पीछे से गोली मार दी, जिससे भार्गव सिंह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद अपराधी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पंडरा ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। अन्य हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। घायल भागर्व सिंह को पहले सिटी अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पारस अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, इलाज के दौरान भार्गव की जान चली गई। भार्गव की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार, भागर्व सिंह हर मंगलवार मंदिर में पूजा करने जाते थे। पुलिस को आशंका है कि अपराधियों को भी इसकी जानकारी पहले से थी। अपराधियों ने रेकी कर घटना को अंजाम दिया।
जमीन विवाद में साजिश की आशंका
भागर्व जब घायल था तो पुलिस ने उसका बयान दर्ज कराया। भार्गव सिंह ने बयान दिया कि रातू इलाके में स्थित जमीन मामले में उस पर विजय टेटे ने गोली चलवाई है। विजय टेटे ने कुछ दिन पहले रातू स्थित एक जमीन को लेकर भार्गव सिंह को फोन कर धमकी दी थी, विजय टेटे मूल रूप से कांके, गांधीनगर का रहने वाला है। भागर्व सिंह ने आरोप लगाया है कि उसका विजय टेटे से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उसे पहले भी धमकी दी गई थी। रातू इलाके की जमीन को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से तनाव था। इसी विवाद के चलते सुनियोजित तरीके से इस हमले को अंजाम दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। घटना के बाद ओटीसी मैदान और आसपास का इलाका कुछ समय के लिए पूरी तरह सन्न रहा।
घटनास्थल पर पहुंचे संजय सेठ
सांसद संजय सेठ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इस बारे में उन्होंने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर पोस्ट किया। पोस्ट में लिखा- यह सूचना मिली है कि अपराधी पैदल ही आए थे और भार्गव सिंह को पेट में गोली मारकर पैदल ही चले गए। यह घटना राजधानी रांची की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिंग को आईना दिखाने वाली है।
राजधानी की लगातार खराब होती स्थिति 90 के दशक की जंगलराज की याद दिलाने वाली है। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सुबह-सुबह अपराधी आते हैं और गोली मारकर पैदल ही निकल जाते हैं। घटना के पीछे का कारण चाहे जो भी हो, परंतु यह स्पष्ट है कि राजधानी में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। इस मामले में पुलिस अधिकारियों से बात कर अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार करने और ऐसी अपराधी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने को निर्देशित किया है।
हत्या, रंगदारी और गोलीबारी की घटनाएं आ रहीं सामने
गौरतलब है कि रांची में आए दिन हत्या, रंगदारी और गोलीबारी की घटनाएं सामने आते रही है। अपराधी दिनदहाड़े घटना को अंजाम दे रहे हैं। हाल के दिनों में ही दिन-दहाड़े मर्डर और डकैती की वारदात को अंजाम दिया गया है। बढ़ते अपराध के कारण पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। पुलिस जब तक एक मामले का खुलासा करती है, तब तक अपराधी दूसरी घटना को अंजाम दे देते हैैं।

