Jamshedpur : जमशेदपुर के गोलमुरी में 12 फरवरी को समाजसेवी व फल कारोबारी कन्हैया यादव की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले के मुख्य आरोपी प्रदीप पाठक उर्फ बिल्ला पाठक फरार चल रहे थे। गुरुवार को बिल्ला पाठक ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने जमशेदपुर न्यायालय में सिविल जज टू के सामने सरेंडर किया।
आरोपी की तलाश में लगातार चल रही थी दबिश
पुलिस का कहना है कि वह आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। आरोपी के छिपने के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही थी। इसी दबाव में आकर आरोपी ने सरेंडर किया है। पुलिस का कहना है कि वह आरोपी को रिमांड पर लेगी। रिमांड पर लेने के बाद उनसे पूछताछ की जाएगी। माना जा रहा है कि पूछताछ में कन्हैया हत्याकांड में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
समाज के लोगों ने पुलिस पर लगाए थे आरोप
गौरतलब है कि कन्हैया यादव की गोलमुरी में दिनदहाड़े गोली मार कर हुई हत्या के बाद शहर में सनसनी फैल गई थी। यादव समाज के लोग सड़क पर उतर आए थे। मृतक के परिजनों का आरोप था कि कन्हैया यादव ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की थी। कई दिनों से उसे धमकी दी जा रही थी। पुलिस से शिकायत होने के बाद भी कोई एक्शन नहीं हुआ था। इसी के चलते कन्हैया यादव को जान से हाथ धोना पड़ा था।
टिनप्लेट प्लेट स्पोर्ट्स कंप्लेक्स मैदान के पास हुई थी घटना
गौरतलब है कि कन्हैया यादव फल कारोबारी थे। वह समाज सेवा में भी जुटे रहते थे। 12 फरवरी को टीनप्लेट स्पोर्ट्स कंप्लेक्स मैदान के पास उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कन्हैया यादव घटना वाले दिन अपने दोस्त रंजीत शर्मा के साथ टहलने के लिए मैदान पहुंचे थे। सुबह लगभग 11:00 बजे जब वह घर लौटने के लिए बाइक स्टार्ट कर रहे थे तभी बदमाश घटनास्थल पर पहुंचे थे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। घटनास्थल से उठाकर कन्हैया यादव को फौरन टाटा मेन हॉस्पिटल ले जाया गया था। यहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे थे।
टीएमएच में 9 घंटे तक चला था इलाज
उनकी हालत नाजुक थी। लगभग 9 घंटे तक चले इलाज के बाद शाम को सीसीयू में उनकी मौत हो गई थी। उन्हें पांच गोलियां लगी थीं, जिनमें से एक सर के पीछे, दो सीने में, एक पीठ पर और एक दाहिने हाथ में लगी थी। जिन बदमाशों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। उनकी संख्या चार थी।

