Chaibasa : तमिलनाडु में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के करीब 200 मजदूरों को बंधक बनाकर रखने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल होने लगे, जिनमें मजदूर अपनी आपबीती सुनाते नजर आए। वायरल वीडियो में मजदूरों ने आरोप लगाया है कि वे तमिलनाडु के नमक्कल स्थित एक कपड़ा मिल में काम करते हैं, जहां मिल मालिक द्वारा उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है। मजदूरों का कहना है कि उनसे जबरन काम कराया जाता है, पूरी मजदूरी नहीं दी जाती और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त और राज्य के माइग्रेट सेल को निर्देश देते हुए कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और पीड़ित मजदूरों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण पर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है।
घर लौटने की मांग कर रहे झारखंड के मजदूर
बताया जा रहा है कि इस मामले को उजागर करने वाले अनिल सामड हैं, जो चक्रधरपुर के हथिया गांव के निवासी बताये जा रहे हैं और फिलहाल तमिलनाडु के नमक्कल स्थित आलिया मिल्स प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत हैं। उनके द्वारा सामने लाए गए तथ्यों के बाद ही यह मामला सार्वजनिक हो पाया।जानकारी के अनुसार बंधक बनाए गए मजदूरों में युवक और युवतियां दोनों शामिल हैं। सभी मजदूर मिल प्रबंधन के शोषण से परेशान होकर अपने घर झारखंड लौटने की मांग कर रहे हैं।अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि मजदूरों को कब तक राहत मिलती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

