रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “निवेश के लिए इच्छुक कंपनियों के प्रस्तावों और एमओयू को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता के साथ ठोस कार्ययोजना बनाएं और उसे प्रभावी तरीके से लागू करें।” शुक्रवार को सीएम आवास में आयोजित बैठक में दावोस और यूनाइटेड किंगडम यात्रा के दौरान हुए एमओयू की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने यह बातें कहीं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि टेक्सटाइल, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए सरल, बेहतर और आकर्षक नीतियां तैयार की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस के वैश्विक मंच पर झारखंड ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है और राज्य को निवेश के लिए अनुकूल गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और औद्योगिक समूहों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है, जिससे भविष्य में निवेश और रोजगार बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार सृजन, किसानों की समृद्धि और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। साथ ही मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए जियो-टैगिंग कर विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स के अनुसंधान, उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने तथा यूनाइटेड किंगडम के संस्थानों के साथ साझेदारी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर भी बल दिया।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, प्रधान सचिव उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग राहुल पुरवार, उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पूजा सिंघल, पर्यटन विभाग के सचिव मुकेश कुमार, विशेष सचिव आईपीआरडी राजीव लोचन बक्शी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

