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Seraikela Sendra News: दलमा में सेंदरा पर्व पर सख्ती, पोटका से बहरागोड़ा तक वन विभाग का सर्च ऑपरेशन, शिकार पर जीरो टॉलरेंस

इस अभियान का नेतृत्व रेंज ऑफिसर शंकर भगत ने किया। उनके साथ वन विभाग की टीम के कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और लोगों को जागरूक कर रही है कि वे परंपरा निभाएं, लेकिन वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं।

by Mujtaba Haider Rizvi
dalma sendra chaibasa
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Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम के दलमा पहाड़ी क्षेत्र में सेंदरा पर्व को लेकर इस बार प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। पारंपरिक इस पर्व के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पोटका से बहरागोड़ा तक बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। विभाग ने साफ कर दिया है कि शिकार को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी।

सोमवार सुबह पोटका के हाता स्थित वन विभाग कार्यालय के पास विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान जमशेदपुर आने-जाने वाले वाहनों की सघन तलाशी ली गई। खासकर उन लोगों पर नजर रखी गई, जिनके दलमा जंगल की ओर जाने की आशंका थी। संदिग्धों से पूछताछ कर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई कि सेंदरा पर्व के दौरान किसी भी प्रकार का शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है।

इस अभियान का नेतृत्व रेंज ऑफिसर शंकर भगत ने किया। उनके साथ वन विभाग की टीम के कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और लोगों को जागरूक कर रही है कि वे परंपरा निभाएं, लेकिन वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं।

इधर बहरागोड़ा चेक नाका को संवेदनशील मानते हुए यहां 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सीमाओं से जुड़े इस इलाके में हर वाहन की बारीकी से जांच हो रही है, ताकि तीर-धनुष, जाल या अन्य पारंपरिक हथियारों के जरिए शिकार की कोशिशों को रोका जा सके। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सेंदरा पर्व की परंपरा का सम्मान किया जाएगा, लेकिन वन्यजीवों के शिकार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अवैध शिकार में शामिल लोगों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए क्विक रिस्पांस टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है।

दलमा राजा राकेश हेंब्रम ने इस पर्व को आदिवासी समाज की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रकृति के प्रति श्रद्धा और सामुदायिक एकता का प्रतीक है, जिसे जिम्मेदारी के साथ निभाना जरूरी है। वहीं डीएफओ सबा आलम अंसारी ने लोगों से अपील की कि वे सेंदरा पर्व को प्रतीकात्मक रूप में मनाएं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह इस वर्ष दलमा क्षेत्र में सेंदरा पर्व परंपरा और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाया जा रहा है।

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